फिल्म ‘जन नायकन’ को सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश
मद्रास हाईकोर्ट ने सीबीएफसी को अभिनेता से नेता बने विजय की फिल्म 'जन नायकन' को सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले को समीक्षा समिति को भेजने के सीबीएफसी के निर्देश को रद्द कर दिया। सीबीएफसी ने फिल्म के खिलाफ अपील करने की योजना बनाई है और इसके लिए अनुमति मांगी है।

मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को अभिनेता से नेता बने विजय की आगामी फिल्म ‘जन नायकन’ को सेंसर प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया। अदालत ने मामला समीक्षा समिति को भेजने के बोर्ड के निर्देश को भी रद्द कर दिया। हालांकि फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने कहा कि वह फिल्म के खिलाफ अपील करेगा और इसके लिए उसने अदालत से अनुमति देने का अनुरोध किया। फिल्म का निर्माण करने वाली 'केवीएन प्रोडक्शंस' की याचिका स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति पी. टी. आशा ने कहा कि अगर बोर्ड ने प्रमाणपत्र देने का निर्णय ले लिया है तो अध्यक्ष के पास मामले को समीक्षा समिति के पास भेजने का कोई अधिकार नहीं है।
याचिका में सीबीएफसी अधिकारियों को सेंसर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ए. आर. एल. सुंदरेशन ने मुख्य न्यायाधीश एम. एम. श्रीवास्तव के समक्ष एकल जज के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने के लिए सेंसर बोर्ड को अनुमति देने का अनुरोध किया। उन्होंने अदालत से इस मामले को तुरंत उठाने का अनुरोध किया। अपने आदेश में न्यायमूर्ति आशा ने कहा कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सेंसर प्रमाणपत्र देने का फैसला किया था और 22 दिसंबर, 2025 को निर्माता को एक पत्र भेजा था।

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