ईरान पैकेज:::एलपीजी किल्लत की आशंका से लोगों में घबराहट

Mar 10, 2026 09:06 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमेरिका और इजरायल के ईरान से युद्ध के कारण भारत में एलपीजी की किल्लत बढ़ गई है। कई राज्यों में लोग गैस की कमी से परेशान हैं। हॉर्मुज जलमार्ग के कारण 30% गैस आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे होटल और रेस्तरां बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। केंद्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।

ईरान पैकेज:::एलपीजी किल्लत की आशंका से लोगों में घबराहट

कई राज्यों में होटल, रेस्तरां, ढाबे बंद करने की नौबत, एलपीजी के लिए एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतार हॉर्मजु जलमार्ग से 30 फीसदी गैस की आपूर्ति बाधित हुईनई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका और इजरायल की ईरान से युद्ध की वजह से देश के कई हिस्सों में एलपीजी की किल्लत की आशंका से लोगों में घबराहट है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान सहित कई राज्यों में लोग एलपीजी नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें भी देखने को मिल रही हैं।हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई बाधित होने से गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है।

इससे बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट भी बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि एलपीजी या ईंधन की कोई दिक्कत नहीं है।30 प्रतिशत गैस की आपूर्ति बाधितपश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की वजह से भारत की 30 प्रतिशत गैस आपूर्ति बाधित हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक गजट अधिसूचना में उपलब्ध गैस को गैर-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों से हटाकर प्रमुख उपयोगकर्ताओं को देने का आदेश दिया है। अब घरेलू रसोई गैस (एलपीजी), सीएनजी और पीएनजी को सबसे ऊपर रखा गया है। यानी, सबसे पहले इनकी जरूरतों को पूरा किया जाएगा।खपत का आधा आयातभारत अपनी प्रतिदिन की 19.1 करोड़ स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर(सीएमडी) गैस खपत का लगभग आधा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। होर्मुज जलमार्ग के माध्यम से टैंकरों की आवाजाही रुकने से मध्य पूर्व से आने वाली लगभग 60 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस में रुकावट आई है।कहां क्या हालात?बिहार : छोटे होटल और स्ट्रीट फूड स्टॉल बंदी के कगार परपटना में गैस को लेकर हाहाकार वाली स्थिति बनने लगी है। मंगलवार को सुबह से शाम तक लोग गैस सिलेंडर का इंतजाम करने के लिए वितरकों और गैस वेंडरों के पीछे भटकते दिखे। छोटे होटल और स्ट्रीट फूड स्टॉल बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। पटना में 19 किलोग्राम के व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका असर खाने-पीने के छोटे दुकानों के साथ बड़े होटलों तक पर पड़ने लगा है। होटल एमल्फी के संचालक आरके सिंह के मुताबिक बड़े सिलेंडरों की आपूर्ति में 25 प्रतिशत तक की कमी आई है।बिहार के ज्यादातर शहरों में घरेलू गैस की आपूर्ति में तीन से पांच दिन का समय लग रहा है, जो पहले 24 घंटे में होता था। मुजफ्फरपुर, भागलपुर, आरा समेत कई अन्य शहरों में लोगों की शिकायत है कि एलपीजी का नंबर लगाने के बाद ओटीपी नहीं दिया जा रहा है।लखनऊ : एक सिलेंडर के लिए घंटों लाइन में लग रहे लोगलखनऊ में एक सिलेंडर के लिए लोग घंटों में लाइन में लग रहे हैं। एजेंसियों में उपभोक्ताओं की कर्मचारियों से नोकझोंक शुरू हो गई है। मंगलवार को लालबाग स्थित एक गैस एजेंसी में उपभोक्ता ने खूब हंगामा किया। कहा कि, छोटी होली से सिलेंडर के लिए चक्कर काटने को मजबूर है। इन घटनाओं को देखते हुए जिलाधिकारी ने तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसरों और गैस वितरकों को तलब कर मांग और आपूर्ति के बारे में पूछा। साथ ही कहा कि किसी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देश दिया है कि सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रत्येक एआरओ अपने क्षेत्र में एजेंसियों की जांच करें।झारखंड: कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पर रोकमध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के कारण झारखंड में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। इसके चलते होटल संचालकों की चिंता बढ़ गई है। पहले दिन विभिन्न गैस एजेंसियों ने अपने मौजूदा स्टॉक से होटल-रेस्टोरेंट को राशनिंग के आधार पर सीमित मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध कराए। हालांकि आगे की आपूर्ति को लेकर सप्लायर्स ने फिलहाल असमर्थता जताई है। इधर, गैर-घरेलू गैस की आपूर्ति को लेकर तेल कंपनियों ने राज्य में संचालित शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों की सूची मांगी है। तेल कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार, आवश्यक सेवाओं से जुड़े ऐसे संस्थानों में गैर-घरेलू गैस की आपूर्ति जारी रखी जाएगी।उत्तराखंड: कॉमर्शियल गैस संकट से उद्योग और पर्यटन कारोबार पर असरउत्तराखंड में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने से उद्योगों से लेकर होटल-ढाबों और पर्यटन कारोबार तक संकट के हालात बनने लगे हैं। कई जिलों में व्यावसायिक सिलेंडरों की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में गैस का सीमित स्टॉक ही बचा है।हरिद्वार में आईओसी बहादराबाद, बीपीसीएल लंढौरा और एचपी गैस प्लांट भगवानपुर से कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति रोक दी गई है। सोमवार और मंगलवार को एजेंसियों तक सिलेंडर नहीं पहुंचे, जिससे सिडकुल समेत विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के सैकड़ों उद्योग प्रभावित होने लगे हैं। देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हल्द्वानी में भी गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है।तमिलनाडु: रेस्तरां और होटलों को बंद करने की नौबतव्यवसायिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में आई भारी कमी से तमिलनाडु और कर्नाटक का होटल और रेस्तरां उद्योग संकट में घिर गया है। यहां के कई प्रतिष्ठानों के मालिकों ने मंगलवार को बताया कि यदि आपूर्ति जल्द बहाल नहीं हुई तो वे कारोबार बंद करने को मजबूर हों जाएंगे। उनके पास मौजूदा एलपीजी सिलेंडर का उपयोग केवल एक या दो दिनों के लिए और हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि गैस की खपत कम करने के लिए कई होटलों ने अपने मेनू (खाद्य पदार्थों की सूची) में पहले ही कटौती कर दी है।कर्नाटक: मेनू में कर रहे कटौतीबेंगलुरु में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। 'बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन' ने कहा कि हम एलपीजी का उपयोग कम करने के लिए मेनू में कटौती कर रहे हैं। डोसा, चाय या कॉफी के लिए 'स्टोव' को लगातार गैस की आपूर्ति चाहिए होती है, इसलिए हमने अब सीमित संख्या में ही व्यंजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

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