देश के अधिकांश हिस्सों में मार्च-मई के बीच रह सकता लू का कहर : आईएमडी
इस वर्ष फरवरी में 2001 के बाद सबसे कम बारिश हुई है। मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि मार्च से मई के बीच कई राज्यों में लू की स्थिति हो सकती है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। फरवरी में पूरे भारत में शीत लहर नहीं चली और दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहा।

- इस वर्ष फरवरी में वर्ष 2001 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई नई दिल्ली, एजेंसी। इस साल मार्च से मई महीने के बीच देश के अधिकांश हिस्सों में लू से प्रभावित दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को अपने मासिक पूर्वानुमान में यह जानकारी दी। आईएमडी के मुताबिक इन क्षेत्रों में पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, दक्षिणी और पूर्वी महाराष्ट्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिमी बंगाल में गंगा के मैदान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और उत्तरी कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्से शामिल हैं। हालांकि, मार्च में पूर्वोत्तर, पूर्वी और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत को छोड़कर देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है।
आईएमडी ने कहा कि ऐसा इसलिए हो सकता है, क्योंकि मार्च के दौरान भारत में औसत वर्षा सामान्य रहने की संभावना है। इसके मुताबिक भारत में इस वर्ष फरवरी में वर्ष 2001 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई। आईएमडी के मुताबिक फरवरी माह में पूरे भारत में कहीं शीत लहर नहीं चली, दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
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