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जीएसटी उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू पर कर कम नहीं होंगे : सीतारमण

जीएसटी उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू पर कर कम नहीं होंगे : सीतारमण

संक्षेप:

लोकसभा ने 2025 के तंबाकू कर विधेयक को पारित किया है, जिसमें तंबाकू तथा संबंधित उत्पादों पर करों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने का प्रावधान है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू पर कर कम नहीं होंगे, जिससे किसानों की आमदनी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

Wed, 3 Dec 2025 08:23 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। लोकसभा ने तंबाकू तथा इससे जुड़े उत्पादों पर जीएसटी उपकर खत्म होने के बाद भी करों को मौजूदा स्तर पर रखने संबंधी केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक 2025 को बुधवार को ध्वनि मत से पारित कर दिया। विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि तंबाकू आदि उत्पादों पर करों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। सीतारमण ने कहा कि डब्ल्यूएचओ तथा विश्व बैंक तंबाकू पर लगने वाले उपकर और तंबाकू सेवन से होने वाली बीमारियों से मरने वाले लोगों के आंकड़ों पर नजर रखते हैं। दुनिया के कई देशों में सिगरेट पर 60 प्रतिशत तथा इससे अधिक कर है, लेकिन भारत में डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुरूप ही तंबाकू उत्पादों पर कर लगाने का प्रावधान है।

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यह विधेयक केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 का स्थान लेगा और इसमें देश में निर्मित या उत्पादित वस्तुओं पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगाने और संग्रहित करने का प्रावधान किया गया है। विधेयक का उद्देश्य तंबाकू और इससे संबंधित उत्पादों पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दर को संशोधित कर इन उत्पादों पर करों को मौजूदा स्तर पर रखना है। इस विधेयक के प्रावधानों के अनुसार जीएसटी उपकर खत्म होने के बाद भी तंबाकू पर कर कम नहीं होंगे। तंबाकू उत्पादक किसानों की आमदनी पर फर्क नहीं विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए कुछ सदस्यों ने बीड़ी श्रमिकों तथा तंबाकू उत्पादक किसानों की आमदनी पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर आशंका जताई। इस पर सीतारमण ने कहा कि जो श्रमिक या किसान तंबाकू उत्पादों पर निर्भर हैं, उन्हें इस विधेयक के पारित होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उनका कहना था कि बीड़ी श्रमिकों की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है और जो रेट पहले से मिल रहे थे, वही आगे भी मिलते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बीड़ी श्रमिकों को बड़ी बीमारी की स्थिति में सरकार निशुल्क उपचार की सुविधा देती है और उनके बच्चों को पढ़ने की सुविधा के साथ ही दीन दयाल अंत्योदय योजना तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।