लश्कर आतंकी उमर के सऊदी अरब में होने की आशंका

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी उमर हैरिस की सऊदी अरब में मौजूदगी की संभावना है। उसने राजस्थान में जाली पासपोर्ट बनवाया और देश से भागने में सफल रहा। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की है, जो पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में खामियों को उजागर करती है। एनआईए को मामले सौंपे जाने की संभावना है।

लश्कर आतंकी उमर के सऊदी अरब में होने की आशंका

श्रीनगर/नई दिल्ली, एजेंसी। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हैरिस उर्फ खरगोश के सऊदी अरब में होने की आशंका है। उसने सज्जाद नाम से राजस्थान का निवासी बनकर जाली पासपोर्ट बनवाया और देश से फरार होने में कामयाब रहा। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। लश्कर-ए-तैयबा के अंतरराज्यीय मॉड्यूल की जांच का नेतृत्व कर रही श्रीनगर पुलिस ने इस मामले की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ साझा की है। अधिकारियों ने कहा कि इस घटना ने सिस्टम की खामियों को उजागर किया है, जिनके कारण इस तरह का दुरुपयोग संभव हो पाया। जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा इस महीने की शुरुआत में दर्ज किए गए इस मामले को अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपे जाने की संभावना है।

संबंधित राज्यों की पुलिस को भी जानकारी साझा की गई है ताकि तत्काल कार्रवाई की जा सके और खामियों को दूर किया जा सके।पहले यह बताया जा रहा था कि हैरिस कराची का रहने वाला है। अब खुलासा हुआ है कि वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का निवासी है। कराची में उस पर आगजनी के कई मामले दर्ज थे, जिनसे बचने के लिए वह लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुआ। बाद में उसे 2012 में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराई गई। जांच के अनुसार, कश्मीर घाटी में घुसने के बाद वह बांडीपोरा और श्रीनगर के विभिन्न स्थानों पर रहा और एक ओवर ग्राउंड वर्कर की बेटी से शादी की। यह निकाह जयपुर में सज्जाद नाम से किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि शादी के दस्तावेजों का इस्तेमाल भारतीय पासपोर्ट बनवाने में किया गया। तेजी से जगह बदलने और सुरक्षा एजेंसियों से बच निकलने में माहिर होने के कारण उसे ‘खरगोश’ नाम मिला।इस पूरे मामले ने पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में मौजूद खामियों को उजागर किया है, खासकर राजस्थान में पुलिस सत्यापन प्रणाली होने के बावजूद पासपोर्ट जारी होने पर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह आतंकवादी पहले इंडोनेशिया भागा और फिर 2024–25 के दौरान किसी अन्य फर्जी दस्तावेज के जरिए सऊदी अरब पहुंच गया। उसे भारत वापस लाने के कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।यह जानकारी उस समय सामने आई जब श्रीनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय लश्कर-ए-तैयबा मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें पाकिस्तान का आतंकवादी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा भी शामिल है, जो 16 साल से फरार था। यह कार्रवाई छह महीने पहले फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े व्हाइट-कालर आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद हुई। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने और हैरिस के राजस्थान, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों में आने-जाने की जानकारी दी। 31 मार्च से शुरू हुए इस ऑपरेशन की जांच में लश्कर के फंडिंग और वित्तीय नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। आतंकियों ने फर्जी दस्तावेजों और पहचान के जरिए जम्मू-कश्मीर के अलावा अन्य राज्यों में भी नेटवर्क खड़ा किया।

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