Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsLeh Violence Police Chief Claims 6000 Protesters Caused Chaos Justifies Use of Force
लद्दाख हिंसा::आत्मरक्षा में  की गई गोलीबारी, पूरा लेह खतरे में था: पुलिस प्रमुख

लद्दाख हिंसा::आत्मरक्षा में की गई गोलीबारी, पूरा लेह खतरे में था: पुलिस प्रमुख

संक्षेप:

लेह के पुलिस महानिदेशक एस डी सिंह जामवाल ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने उत्पात मचाया, जिसके कारण सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी। उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया और...

Sat, 27 Sep 2025 07:36 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

लेह में हिंसा पर पुलिस प्रमुख ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस बोले छह हजार लोगों ने उत्पात मचाया लेह, एजेंसी। लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस डी सिंह जामवाल ने शनिवार को कहा कि सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाने के लिए मजबूर होना पड़ा, नहीं तो पूरा लेह जलकर राख हो जाता। उन्होंने कहा कि बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश की राजधानी में हुई हिंसा अभूतपूर्व थी। इसके लिए उन्होंने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जिम्मेदार ठहराया। सुरक्षाबलों ने सराहनीय काम किया जामवाल ने आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 'लेह एपेक्स बॉडी' और 'कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस' के इस आरोप को खारिज कर दिया कि सुरक्षा बलों ने अंधाधुंध गोलीबारी की।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

उन्होंने कहा कि ऐसा केवल आत्मरक्षा में और बड़े पैमाने पर हिंसा भड़कने से रोकने के लिए किया गया था। डीजीपी ने कहा कि यदि आप फुटेज और उन परिस्थितियों को देखें, जिनमें हमारे सुरक्षा बलों ने काम किया, तो उन्होंने बेहद सराहनीय काम किया। दोपहर में हिंसा शुरू होने के बाद शाम चार बजे तक स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए मैं उन्हें सलाम करता हूं। झड़प में लगभग 70 से 80 पुलिस और सीआरपीएफ कर्मी भी घायल हुए हैं। सीआरपीएफ जवानों को पीटा गया डीजीपी ने कहा कि क्या आप चाहते हैं कि पुलिस बल के जवान मारे जाएं? यह संभव नहीं है। हर किसी की एक जिंदगी होती है। जब उन्होंने एक राजनीतिक दल के कार्यालय पर हमला किया और उसे आग लगा दी, तो लद्दाख पुलिस की चार महिला कांस्टेबल अंदर थीं। हमने बड़ी मुश्किल से उन्हें बचाया। वहां तैनात सीआरपीएफ के जवानों को बुरी तरह पीटा गया था, और उनमें से एक अभी भी रीढ़ की हड्डी में चोट के कारण सेना के अस्पताल में भर्ती है। सचिवालय पर हमला किया गया, जहां ज्यादातर कार्यालय स्थित हैं। हिंसा का उद्देश्य अराजकता पैदा करना था और अराजकता का मुकाबला करना हमारा मुख्य कार्य था। हिंसा की खुफिया जानकारी थी जामवाल ने सीआरपीएफ की पहले से तैनाती का बचाव करते हुए कहा कि खुफिया जानकारी थी कि वांगचुक समेत कुछ तत्व शांति भंग करने की कोशिश कर रहे थे। यदि उस दिन सीआरपीएफ वहां नहीं होती, तो मैं पूरे विश्वास के साथ कह रहा हूं कि पूरा शहर जलकर खाक हो गया होता। हम यहां कोई बल नहीं चाहते। हम शांति चाहते हैं। लेकिन शांति तभी आएगी, जब नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझेंगे। पुलिस प्रमुख के अनुसार बुधवार को लगभग छह हजार लोगों ने उत्पात मचाया।