लैरी एलिसन कुछ घंटों के लिए बने दुनिया के सबसे अमीर, मस्क ने वापस छीना ताज
ओरेकल के सह-संस्थापक लैरी एलिसन ने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब हासिल किया। ओरेकल के शेयरों में 41% की वृद्धि के बाद एलिसन की संपत्ति 393 अरब डॉलर...

नई दिल्ली, एजेंसी। दुनिया के अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। टेक दिग्गज कंपनी ओरेकल के को-फाउंडर लैरी एलिसन टेस्ला के एलन मस्क को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए। हालांकि, कुछ ही घंटों में मस्क को यह खिताब वापस मिल गया। ब्लूमबर्ग मुताबिक, न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर बुधवार को ओरेकल कॉरपोरेशन के शेयरों में रिकॉर्ड 41% की तेजी दर्ज की गई। इसी के साथ लैरी एलिसन की कुल संपत्ति महज 24 घंटे में 101 अरब डॉलर बढ़ गई और उनकी कुल संपत्ति 393 अरब डॉलर (करीब 34.5 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच गई।
इस उछाल ने उन्हें दुनिया का सबसे अमीर इंसान बना दिया, जबकि उस वक्त एलन मस्क की कुल संपत्ति 385 अरब डॉलर पर थी। हालांकि, बाद में शेयरों में कुछ गिरावट आने से एलिसन की कुल संपत्ति 383 अरब डॉलर रह गई, जिससे मस्क को सबसे अमीर व्यक्ति का खिताब वापस मिल गया। वर्तमान में एलन मस्क की कुल संपत्ति 384 अरब डॉलर है, जिसमें एक दिन में 573 मिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है। ओरेकल शेयरों में ऐतिहासिक वृद्धि कंपनी द्वारा राजस्व में मजबूत वृद्धि के अनुमान के बाद, ओरेकल के शेयरों की कीमत में 42% की वृद्धि हुई। इसके शेयर बढ़कर 328.33 डॉलर प्रति शेयर हो गए, जो 1992 के बाद से किसी एक दिन में हुई सबसे बड़ी वृद्धि थी। इस तेजी के साथ, ओरेकल का बाजार पूंजीकरण 922 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो एली लिली, जेपी मॉर्गन चेस और वॉलमार्ट के मूल्यांकन से भी अधिक है। लैरी एलिसन के बारे में 81 साल के लैरी एक अमेरिकी उद्यमी हैं, जिन्होंने ओरेकल कॉरपोरेशन की स्थापना की है। उनका पूरा नाम लॉरेंस जोसेफ एलिसन है। उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय में पढ़ाई की, लेकिन डिग्री पूरी किए बिना ही पढ़ाई छोड़ दी। साल 1977 में दोस्तों के साथ मिलकर एलिसन ने महज 2000 डॉलर से 'सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट लैबोरेट्रीज' शुरू की। पांच साल बाद कंपनी का नाम बदलकर 'ओरेकल' रखा गया और फिर यह कंपनी धीरे-धीरे दुनिया की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शुमार हो गई। ओरेकल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के लिए चर्चित कंपनी है, जो दुनिया भर में बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। एलिसन ने 2014 तक लगभग चार दशक तक सीईओ की जिम्मेदारी निभाई और बाद में चेयरमैन व चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर बन गए। आज भी 81 साल की उम्र में वे कंपनी के अहम फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मस्क के पास चार से साल यह खिताब टेस्ला और स्पेसएक्स सीईओ एनल मस्क ने पहली बार 2021 में दुनिया के सबसे अमीर इंसान का ताज अपने नाम किया था। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति के खिताब से बेदखल हुए हों। इससे पहले, उन्होंने यह खिताब अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस से गंवाया था, और उसके बाद एलवीएमएच के सीईओ बर्नार्ड अर्नाल्ट ने उन्हें पीछे छोड़ दिया था। वहीं, पिछले चार सालों से मुख्य रूप से टेस्ला में अपनी हिस्सेदारी के कारण यह खिताब अपने पास रखे हुए हैं। ट्रंप के करीबी एलिसन सिर्फ टेक्नोलॉजी तक ही सीमित नहीं रहे हैं। वे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। इसी साल उन्होंने ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और सॉफ्टबैंक के मासायोशी सोन के साथ मिलकर स्टारगेट प्रोजेक्ट लॉन्च किया, जिसका मकसद अमेरिका की एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। ट्रंप ने यहां तक इशारा किया है कि अगर अमेरिका में टिकटॉक की बिक्री होती है, तो वे चाहते हैं कि एलिसन इसे खरीदें।
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