खेल : ललित ने कोहनी की चोट के बावजूद जीता रजत
एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। हरियाणा के पानीपत के समलखा गांव के

एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। हरियाणा के पानीपत के समलखा गांव के 23 वर्षीय ललित ने अपनी पहली ही एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप को यादगार बना दिया। कोहनी में चोट के बावजूद वह मंगलवार को किर्गिस्तान के बिश्केक फाइनल में हार गए पर रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला। ललित को ग्रीको रोमन के 55 किलोग्राम के फाइनल में उज्बेकिस्तान के इख्तियार बोतिरोव के खिलाफ 0-9 से शिकस्त झेलनी पड़ी।ललित ने मुकाबले के बाद विश्केक से कहा, आज मेरा दिन नहीं था। कोहनी की चोट ज्यादा उबर आई थी। मैं ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहता था। दर्द हो रहा था।
यह चोट फरवरी में अल्बानिया के मुहामेत मालो में रैंकिंग सीरीज के दौरान लगी थी। उसमें उन्होंने कांस्य पदक जीता था। यह मेरा पहला बड़ा पदक है। इससे भविष्य में अच्छा करने की और प्रेरणा मिलेगी। अब निगाह एशियाई खेलों के लिए टीम में जगह बनाने पर है। अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप के पूर्व कांस्य पदक विजेता ललित ने सेमीफाइनल में 2025 विश्व चैंपियनशिप के पदक विजेता और शीर्ष वरीयता प्राप्त चीन के शी हुओयिंग को 7-2 से हराया।नितेश फाइनल में : नितेश (97 किलो) ने भी फाइनल में पहुंचकर कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। पिछली बार के कांस्य विजेता ने नितेश ने सेमीफाइनल में चीन के जेगांग वांग को 7-2 से हराया। स्वर्ण पदक के लिए उनका सामना मौजूदा चैंपियन ईरान के मोहम्मदादी सारावी से होगा।सुनील को कांसा : पूर्व चैंपियन सुनील कुमार (87 किलोग्रा) ने कांस्य पदक के मुकाबले में पहले राउंड में चार अंक गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के मुखम्मदकोदिर रासुलोव को 5-4 से हराकर लगातार दूसरा कांसा जीता। यह उनका कुल छठा पदक है। वह 2020 में स्वर्ण जीत चुके हैं। सचिन सहरावत (67 किलो) और प्रिंस (82 किलो) के पास भी कांस्य पदक जीतने का मौका होगा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


