Hindi NewsNcr NewsDelhi NewsLakhya Sen Ends Title Drought with Victory at Australian Open Badminton
खेल : तनाका को हराकर लक्ष्य ने खत्म किया सत्र का खिताबी सूखा

खेल : तनाका को हराकर लक्ष्य ने खत्म किया सत्र का खिताबी सूखा

संक्षेप:

भारत के लक्ष्य सेन ने ऑस्ट्रेलियन ओपन बैडमिंटन के पुरुष एकल फाइनल में जापान के युशी तनाका को 38 मिनट में हराकर खिताब जीता। यह उनका इस सत्र का पहला खिताब है और उन्होंने पिछले खिताब को 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीता था। लक्ष्य ने शानदार प्रदर्शन किया और अपने कोच और पिता को गले लगाया।

Nov 23, 2025 04:42 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

ऑस्ट्रेलियन ओपन :फाइनल में जापान के खिलाड़ी को 38 मिनट में दी शिकस्त, पिछला खिताब 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में सुपर 300 टूर्नामेंट में जीता था तनाका को हराकर लक्ष्य ने खत्म किया सत्र का खिताबी सूखा इस सत्र में मैंने काफी उतार-चढ़ाव देखे। शुरुआत में चोटें भी लगीं लेकिन मैंने कड़ी मेहनत की और अब खिताबी जीत के साथ सत्र का अंत करके मैं बहुत खुश हूं। मैं अगले सत्र का इंतजार कर रहा हूं। इस टूर्नामेंट में मैंने जैसा प्रदर्शन किया, उससे वास्तव में मैं बहुत खुश हूं। -लक्ष्य सेन, भारतीय शटलर सिडनी, एजेंसी। भारत के लक्ष्य सेन ने आखिरकार लंबा खिताबी सूखा खत्म कर दिया।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

उन्होंने रविवार को यहां 475,000 डॉलर इनामी राशि वाले सुपर 500 टूर्नामेंट ऑस्ट्रेलियन बैडमिंटन ओपन में पुरुष एकल फाइनल में जापान के युशी तनाका को शिकस्त देकर खिताब पर कब्जा किया। लगातार गेम में जीते : दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन का सत्र का पहला खिताब है। इसके साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर मुश्किल दौर का भी अंत कर दिया। पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने के बाद खराब दौर से गुजरने वाले अल्मोड़ा के 24 वर्षीय खिलाड़ी सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 26 वर्षीय तनाका को लगातार गेम में 38 मिनट में 21-15, 21-11 से हराया। विश्व चैंपियनशिप 2021 के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य ने इससे पहले आखिरी बार 2024 में लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल में सुपर 300 खिताब जीता था। वह इस साल सितंबर में हांगकांग सुपर 500 में उपविजेता रहे थे। सत्र में दूसरे भारतीय चैंपियन : इस जीत से राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन लक्ष्य इस सत्र में बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय बन गए। इससे पहले आयुष शेट्टी ने यूएस ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट जीता था। भारत के अन्य खिलाड़ियों में सात्विकसाईराज रांकीरेड्डी और चिराग शेट्टी हांगकांग और चाइना मास्टर्स के फाइनल में पहुंचे थे, जबकि किदाम्बी श्रीकांत भी साल की शुरुआत में मलेशिया मास्टर्स में उपविजेता रहे थे। इस वर्ष ऑर्लियंस मास्टर्स सुपर 300 खिताब जीतने वाले विश्व के 26वें नंबर के खिलाड़ी तनाका का सामना करते हुए लक्ष्य ने शानदार नियंत्रण और तेज-तर्रार स्मैश के साथ ही बेहतरीन कोर्ट कवरेज करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। लक्ष्य का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय दर्शक मौजूद थे और इस खिलाड़ी ने उन्हें निराश नहीं किया। पिता को गले लगाया : उन्होंने जीत का जश्न अपने दोनों कानों में उंगलियां लगाकर मनाया। यह उनका विशेष संकेत है, जिससे उन्होंने फिर दिखाया कि वह बाहरी शोर और बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं। इसके बाद लक्ष्य ने अपने कोच यू योंग संग और पिता डीके सेन को गले लगाया। लक्ष्य ने कहा कि मैच की अच्छी शुरुआत करना महत्वपूर्ण था। उन्होंने कहा, अच्छी शुरुआत के साथ आखिर तक लय बनाए रखना महत्वपूर्ण था। पहले गेम में मुकाबला बराबरी का था। दूसरे गेम में मैंने अच्छी शुरुआत की और आखिर तक बढ़त बनाए रखी। मैं ज्यादा नहीं सोच रहा था और मैंने अपना पूरा ध्यान प्रत्येक अंक जीतने पर लगाया। दूसरे दौर में ची यू जेएन को 63 मिनट में हराने के बाद, लक्ष्य ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन आयुष शेट्टी को 52 मिनट में मात दी। फिर सबसे कठिन मुकाबला सेमीफाइनल था। इसमें भी उन्होंने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी और यहां दूसरे वरीय चो तिएन चेन पर जीत दर्ज की।