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कर्ज उतारने के लिए मासूम का अपहरण किया

यूपीएससी की तैयारी कर रहे एक युवक ने कर्ज उतारने के लिए भजनपुरा से सोमवार दोपहर पांच वर्षीय बच्चे को अगवा कर लिया। इसके बाद आरोपी ने बच्चे के परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। हालांकि, पुलिस ने 24 घंटे के अंदर गौतमबुद्ध नगर के दादरी इलाके से आरोपी युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी युवक एमटेक कर चुका है।

जिले के डीसीपी डॉ. अजीत कुमार सिंघला ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान दादारी स्थित मोहल्ला ब्रह्मपुरी निवासी 27 वर्षीय आसिफ सैफी के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि सरकारी नौकरी पाने के लिए उसने अपने किसी जानकार को कर्ज लेकर रकम मुहैया कराई थी। इस रकम को उतारने के लिए उसे रुपयों की जरूरत थी। इस कारण उसने बच्चे को अगवा कर फिरौती की रकम वसूलने की योजना बनाई थी।

पुलिस के अनुसार, सुभाष मोहल्ला निवासी दिलशाद अहमद ने भजनपुरा थाने में अपने पांच वर्षीय बेटे मो. अजहर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दिलशाद ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे उसका बेटा घर से बाहर निकला था। इसके बाद वह लापता हो गया। पिता की शिकायत पर पुलिस ने इस संबंध में अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को घर के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक युवक बच्चे को ले जाते हुए दिखाई दिया। पुलिस अभी जांच में जुटी ही थी कि मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे दिलशाद के पास अपहरणकर्ता ने फोन करके 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। पुलिस ने कॉलर की लोकेशन चेक की तो वह दादरी की मिली।

इसके बाद पुलिस की एक टीम दादरी पहुंच गई। वहां जांच के दौरान कॉलर की लोकेशन के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की गई तो वहां भी एक युवक बच्चे के साथ दिखाई दिया। इस दौरान शाम 4 बजे अनाज मंडी दादरी के पास से आरोपी ने दिलशाद के नंबर पर कॉल कर फिरौती की रकम मांगी। पुलिस ने इस कॉल को ट्रेस कर आरोपी आसिफ को धर दबोचा और बच्चे को मुक्त करा लिया।

एमटेक आरोपी शिक्षक रह चुका है :

पुलिस पूछताछ में आरोपी आसिफ ने बताया कि वह अपने तीन भाइयों के साथ दादरी में रहता है। एमटेक करने के बाद वह एक यूनिवर्सिटी में पढ़ाने लगा, लेकिन वहां पर उसकी सैलरी बेहद कम थी। ऐसे में वह अपने घर का खर्च और यूपीएससी की तैयारी करने में परेशानी महसूस कर रहा था। उसने यूपीएससी की तैयारी के लिए मुखर्जी नगर इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर से कोचिंग भी ली थी।

खुद भी ठगा जा चुका है आरोपी युवक :

आरोपी ने पुलिस को बताया कि यह बताया कि दिल्ली आने के दौरान उसे भजनपुरा के सुभाष मोहल्ला में एक शख्स मिला। उसने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर उससे करीब पांच लाख रुपये ले लिये। आसिफ ने लोगों से उधार लेकर रुपये दिए, लेकिन नौकरी भी लगी नहीं और उधार की रकम लौटाने का दबाव भी बढ़ने लगा। परेशान आरोपी ने फिर कर्ज चुकाने के लिए बच्चे को अगवा किया।

बच्चे को पाकर परिवार में खुशी का माहौल:

अपने इकलौते बेटे को पाकर दिलशाद अहमद बेहद खुश हैं। वह पुलिस अधिकारियों का धन्यवाद करते नहीं थक रहे हैं। दिलशाद मेडिकल स्टोर चलाते हैं, जबकि पिता की दूध की डेयरी है। बेटे के अपहरण की खबर के बाद से मां कुलसुम ने खाना नहीं खाया था। दादा-दादी का रोते-रोते बुरा हाल है, लेकिन बच्चे की बरामदगी के बाद से परिवार में खुशी का माहौल है।

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कोट

हमारी एक टीम ने मामला दर्ज करते ही अपहरणकर्ता की पहचान में जुट गई और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से आरोपी की पहचान कर उसे दबोच लिया। बच्चे को सकुशल मुक्त कराने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।

- डॉ.अजीत कुमार सिंगला, डीसीपी उत्तर-पूर्वी जिला

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