
महंगे डिटॉक्स डाइट पर भारी एक कटोरी खिचड़ी
नोट - मिंट का लोगो लगेगा नई दिल्ली। आज के दौर में जब दुनिया
नई दिल्ली। आज के दौर में जब दुनिया अपनी सेहत सुधारने के लिए महंगे कोम्बुचा, प्रोबायोटिक्स और विदेशी 'डिटॉक्स' डाइट के पीछे भाग रही है, भारत का एक साधारण सा भोजन खिचड़ी इन सबको मात दे रहा है। उत्तर भारतीय घरों में मकर संक्रांति जैसे त्योहारों पर अनिवार्य रूप से बनाई जाने वाली खिचड़ी केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान और सेहत का बेजोड़ संगम है। न्यूट्रिशन विशेषज्ञों का मानना है कि खिचड़ी एक 'कम्पलीट प्रोटीन' (संपूर्ण आहार) है। विज्ञान के नजरिए से देखें तो चावल और दाल का मेल शरीर को वे सभी नौ जरूरी अमीनो एसिड प्रदान करता है, जिनकी मांसपेशियों और ऊतकों की मरम्मत के लिए जरूरत होती है।
खिचड़ी की सबसे बड़ी खूबी इसका पाचन में आसान होना है। यह पेट को उत्तेजित करने के बजाय उसे शांत करती है। वहीं आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि जब हम खिचड़ी जैसा 'वन-पॉट मील' खाते हैं, तो हमारे लिवर का काम लगभग 50 फीसदी कम हो जाता है। इससे शरीर को पाचन के बजाय खुद की सफाई (डिटॉक्सिफिकेशन) करने का समय मिल जाता है। खिचड़ी का असर केवल पेट तक सीमित नहीं है, यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जादुई है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, जब इंसान तनाव या दुख में होता है, तो उसका शरीर ऐसी चीजें चाहता है जो उसे सुरक्षा का अहसास कराएं। खिचड़ी गर्म, नरम और स्वाद में सौम्य होती है। इसे खाने में दिमाग को 'सेंसरी मेहनत' नहीं करनी पड़ती, जिससे नर्वस सिस्टम को तुरंत आराम मिलता है। इसे 'साइकोलॉजिकल रीसेट' भी कहा जाता है। आज बड़े-बड़े वेलनेस सेंटर और लग्जरी रिजॉर्ट में खिचड़ी को 'फंक्शनल ईटिंग' और 'बायोहैकिंग' के नाम पर परोसा जा रहा है। वहां मेहमानों के शरीर की प्रकृति (वात, पित्त, कफ) के अनुसार खिचड़ी को कस्टमाइज किया जाता है। पोषण बढ़ाने के लिए अब इसमें सफेद चावल की जगह बाजरा, रागी या दलिया का उपयोग किया जा रहा है और भरपूर सब्जियां डालकर इसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का खजाना बनाया जा रहा है। खिचड़ी वह अनमोल भोजन है, जो सदियों से हमारे किचन में मौजूद है। यह बीमारों का खाना नहीं, बल्कि सेहतमंद बने रहने का सबसे सरल और सस्ता तरीका है। यह हमें वह सब कुछ देता है जिसकी आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सबसे ज्यादा जरूरत है सेहत, शांति और संतुष्टि। बॉक्स - खिचड़ी की मानक मात्रा (1 व्यक्ति के लिए) सामग्री मात्रा लाभ चावल/बाजरा 1/4 कप (लगभग 50 ग्राम) ऊर्जा के लिए मूंग दाल 1/4 कप (चावल के बराबर) प्रोटीन संतुलन के लिए पानी 1.5 से 2 कप पतली या गाढ़ी पसंद के अनुसार सब्जियां 1/2 से 1 कप (कटी हुई) फाइबर और विटामिन के लिए देसी घी 1 बड़ा चम्मच पाचन और स्वाद के लिए हल्दी 1/4 छोटी चम्मच इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए जीरा और हींग 1/2 चम्मच जीरा,एक चुटकी हींग गैस और अपच रोकने के लिए नमक स्वादानुसार इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस के लिए

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