
सावधान:बदल रहे हैं जमा राशि और बैंक लॉकर के नामांकन नियम
नवंबर 2025 में वित्तीय मामलों में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे। बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम लागू होगा, जिसमें नॉमिनेशन के नए विकल्प शामिल हैं। एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर असुरक्षित ऋण शुल्क बढ़ेंगे।...
नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। वित्तीय मामलों के लिए नवंबर का महीना बेहद ही खास होने वाला है। बैंकिंग क्षेत्र, आधार कार्ड इत्यादि कई जरूरी चीजों में बदलाव होने जा रहा है। सबसे प्रमुख जानकारी है कि पहली तारीख से बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम 2025 लागू होने वाला है। केंद्र सरकार ने अप्रैल 2025 में ही इसे अधिसूचित किया था। इसके तहत जमा राशि और बैंक लॉकर के लिए नामांकन से संबंधित नियम बदलने वाले हैं। अब ग्राहकों को नामित व्यक्ति यानी नॉमिनी के लिए दो विकल्प मिलेंगे, जिसमें क्रमिक और एक साथ का ऑप्शन शामिल है। लॉकर के लिए केवल क्रमिक नॉमिनेशन का विकल्प ही दिया।
अधिकतम चार नामांकन किए जा सकते हैं। एक साथ नॉमिनी चुनने पर ग्राहक का नाम, जमा राशि, और लॉकर के लिए प्रत्येक नामित व्यक्ति के लिए हिस्सेदारी या पात्रता का प्रतिशत पहले से ही निर्धारित करने की सुविधा मिलेगी। असुरक्षित ऋण पर शुल्क बढ़ा देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करने जा रहा है। अब असुरक्षित ऋण वाले क्रेडिट कार्ड पर 3.75% शुल्क देना होगा। थर्ड पार्टी ऐप के जरिए शिक्षा संबंधी भुगतान करने पर एक प्रतिशत जुर्माना लगेगा। हालांकि यदि कोई व्यक्ति स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय की वेबसाइट से सीधे पीओएस मशीनों के जरिए भुगतान करता है तो किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा 1000 रुपये से अधिक के वॉलेट लोड ट्रांजैक्शन पर एक प्रतिशत शुल्क भी देना पड़ेगा। । बिना आधार केंद्र जाए विवरण अपडेट होंगे यूआईडीएआई ने आधार कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब नाम, पता, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर जैसी जानकारी बिना आधार केंद्र जाए ही अपडेट करने की सुविधा मिलेगी। बायोमेट्रिक विवरण अपडेट करने के लिए केवल आधार केंद्र जाना पड़ेगा। अब उपयोगकर्ता का डेटा पैन कार्ड, स्कूल रिकॉर्ड, मनरेगा विवरण इत्यादि के जरिए डेटा को सत्यापित करेगा। म्यूचुअल फंड में पारदर्शिता बढ़ाने को सख्त नियम सेबी ने म्यूचुअल फंड में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत अगर किसी एएमसी के अधिकारी, कर्मचारी या उनके रिश्तेदार 15 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन करते हैं, तो कंपनी को यह जानकारी अपने अनुपालन अधिकारी को देनी होगी। कंटेंट हटाने के अधिकार सीमित किए गए केंद्र सरकार ने आईटी रूल्स 2021 के तहत नियमों में बदलाव किया है। कंटेंट हटाने का आदेश सिर्फ उच्च स्तर के अधिकारी दे सकते हैं। पहले सोशल मीडिया कंपनियों को कोर्ट या सरकार के आदेश मिलते ही अवैध कंटेंट हटाना होता था जिसके कारण कई बार निचले स्तर के अधिकारी बिना स्पष्ट कारण बताएं पोस्ट हटाने का आदेश देते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। डीआईजी या उससे ऊपर के अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है। साथ ही किसी कंटेंट को हटाने के लिए पूरा विवरण देना भी अनिवार्य होगा, जिसमें कानूनी अधिकार, उल्लंघन का कारण और यूआरएल या लिंक शामिल है। शेयर बाजार में टी 1 सेटलमेंट लागू होगा अब से शेयर बाजार में टी 1 सेटलमेंट पूरा लागू हो जाएगा। इसका मतलब है कि शेयर खरीदने के अगले दिन ही पैसा और शेयर ट्रांसफर हो जाएंगे। निवेशक अब तेजी से अपना पैसा और शेयर पा सकेंगे, जिससे मार्केट में भरोसा और ट्रेडिंग की गति बढ़ेगी। नए नियमों से छोटे निवेशकों को ज्यादा फायदा मिलेगा। डिजिटल बैंकिंग पर नया प्रोटोकॉल डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए बैंक और पेमेंट गेटवे सख्त सिक्योरिटी प्रोटोकॉल लागू कर रहे हैं। अब हर बड़े ट्रांजेक्शन पर ओटीपी और बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा। यह बदलाव ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए किया गया है। केवाईसी और ई-केवाईसी की समय सीमा तय सरकार ने सभी बैंक खातों की ई-केवाईसी प्रक्रिया के लिए समय सीमा तय की है। अगर खातेधारक समय पर केवाईसी नहीं कराते, तो खाते बंद हो सकते हैं। कार्यों को ऑनलाइन पूरा करना ज्यादा आसान होगा।

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