सऊदी अरब में मौत की सजा पाए अब्दुल रहीम की 20 साल बाद वतन वापसी

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कोझिकोड (केरल) के अब्दुल रहीम को सऊदी अरब में 20 साल जेल में बिताने के बाद रिहा किया गया। 34 करोड़ रुपये का ब्लड मनी जुटाने के लिए क्राउडफंडिंग की गई थी। करिपुर हवाई अड्डे पर परिवार और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। रहीम ने कहा, ‘मैं आभारी हूं कि मुझे फिर से अपनी मां से मिलने का मौका मिला।’

सऊदी अरब में मौत की सजा पाए अब्दुल रहीम की 20 साल बाद वतन वापसी

कोझिकोड (केरल), एजेंसी। सऊदी अरब में मौत की सजा का सामना कर रहे केरल के अब्दुल रहीम के लिए आखिरकार दो दशकों का लंबा और दर्दनाक इंतजार खत्म हो गया। क्राउडफंडिंग के जरिए जुटाए गए रिकॉर्ड 34 करोड़ रुपये के ब्लड मनी (मुआवजे) के भुगतान के बाद रिहा होकर रहीम गुरुवार को अपने गृह राज्य केरल लौट आया। करिपुर हवाई अड्डे पर उतरते ही अपनी मातृभूमि की मिट्टी को देख रहीम के आंसू छलक पड़े, जहां परिवार और समर्थकों ने उसका जोरदार स्वागत किया। जानकारी के अनुसार, रहीम 2006 में रोजगार की तलाश में सऊदी गए थे। वहां उन्हें एक परिवार ने अपने दिव्यांग बेटे की देखभाल का जिम्मा सौंपा।

कुछ ही समय बाद लड़के की मौत हो गई, जिसका आरोप रहीम पर लगा। सऊदी पुलिस ने रहीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उनके ऊपर चले मुकदमे के दौरान वर्ष 2018 में लड़के के परिवार ने रहीम को माफ करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई गई। इस सजा से बचने का इकलौता रास्ता यह था कि रहीम पीड़ित परिवार को ब्लड मनी (खून का हर्जाना) के तौर पर 1.5 करोड़ सऊदी रियाल यानी लगभग 34 करोड़ रुपये चुकाने थे। इसके लिए 18 अप्रैल 2024 तक समयसीमा भी दी गई, लेकिन रहीम के लिए यह रकम जुटाना आसान नहीं था।इस बीच केरल में परिवार के जरिये इसकी जानकारी सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों, कारोबारियों को मिली तो रहीम की मदद के लिए क्राउड फंडिंग की गई। कारोबारी बॉबी चेम्मनूर ने बताया कि केरलवासियों ने तय तारीख से पहले पूरी रकम जुटा ली, जिसे सऊदी अधिकारियों को सौंपकर रहीम को फांसी के फंदे से बचा लिया। हालांकि, इसके बाद भी रहीम की वापसी में दो साल और लग गए। 20 साल की सजा पूरी करने के बाद रहीम गुरुवार को केरल के करिपुर हवाई अड्डे पर पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में लोग रहीम के स्वागत में जुटे थे। बॉबी ने गले लगाकर रहीम का स्वागत किया और उनके घर लेकर पहुंचे। घर पर 20 साल बाद बेटे को सही सलामत पहुंचा देखकर मां की आंखों से आंसू बहने लगे। रहीम ने रूंधे गले से कहा, ‘मैं उन सबका आभारी हूं, जिन्होंने मुझे दोबारा मेरी मां को देखने का मौका दिया।’ उधर, रहीम के दोस्त बकरीद के मौके पर रहीम की वापसी से उत्साहित थे।

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