
सबरीमाला : भक्तों के शव ले जाने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल करें: हाईकोर्ट
-शव स्ट्रेचर से ले जाने के लिए अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई -तीर्थयात्रियों की
कोच्चि, एजेंसी। केरल हाईकोर्ट ने शनिवार को सबरीमाला में दर्शन के दौरान जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के शवों को स्ट्रेचर पर पंबा तक ले जाने पर कड़ी नाराज़गी जताई। कोर्ट ने इसे तुरंत बंद करने का आदेश देते हुए कहा कि शव ले जाने के लिए केवल एंबुलेंस का ही उपयोग किया जाए। अदालत ने कहा कि यह व्यवस्था अन्य श्रद्धालुओं को असुविधा से बचाने और मृतक की गरिमा बनाए रखने के लिए ज़रूरी है। यह निर्देश सबरीमाला स्पेशल कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद दिए गए, जिसमें बताया गया था कि फिलहाल हृदयाघात से मौत होने पर श्रद्धालुओं के शव स्ट्रेचर से पंबा ले जाए जाते हैं।
कमिश्नर ने बताया कि पंबा में एक पुरानी एंबुलेंस खड़ी है, जिसे इस काम के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। कोर्ट ने इस एंबुलेंस को अस्थायी तौर पर उपयोग करने की अनुमति दी और कहा कि जब तक कोई बेहतर वाहन उपलब्ध नहीं हो जाता, यह व्यवस्था लागू रहेगी। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए प्रोटोकॉल बनाने का निर्देश हाईकोर्ट ने त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) को आदेश दिया कि वह तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल तैयार करे। कोर्ट ने बताया कि हर साल ‘मंडलम-मकरविलक्कू’ सीजन के दौरान करीब 150 हृदय संबंधी घटनाएं दर्ज होती हैं, जिनमें से 40–42 मौतें होती हैं। इस सीजन के पहले आठ दिनों में ही आठ मौतें हो चुकी हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि कठिन चढ़ाई और अचानक अधिक परिश्रम के कारण श्रद्धालुओं को हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। कोर्ट ने खास तौर पर नीलीमाला–अप्पाचिमेडु मार्ग को बेहद कठिन बताते हुए श्रद्धालुओं को यहां पर्याप्त आराम लेने की सलाह दी है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




