कश्मीर में पांचवें दिन भी आवाजाही पर रोक जारी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के खिलाफ कश्मीर घाटी में पांचवे दिन भी पाबंदियाँ जारी हैं। आवाजाही पर प्रतिबंध और शिक्षण संस्थानों का बंद रहना जारी है। राज्य सरकार ने सुरक्षा कारणों से पुलिस और सीआरपीएफ की तैनाती की है। मुख्यमंत्री ने शांति बनाए रखने की अपील की।

श्रीनगर, एजेंसी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में व्यापक प्रदर्शनों के बाद कश्मीर घाटी में पांचवें दिन भी पाबंदियां जारी रहीं। लोगों की आवाजाही और भीड़ जुटाने पर प्रतिबंध लागू है। शैक्षिक संस्थान शनिवार तक बंद कर दिए गए हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के विरोध में कश्मीर घाटी में रविवार-सोमवार को कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने रविवार से ही कश्मीर घाटी में लोगों की आवाजाही और भीड़ जुटने पर रोक लगा दी थी। श्रीनगर की ओर आने वाले प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग के साथ लाल चौक को सील कर दिया गया था।
गुरुवार को पांचवें दिन भी ये प्रतिबंध जारी रहे। इस बीच सरकार ने कश्मीर घाटी के सभी स्कूल और अन्य शैक्षिक संस्थानों में शनिवार तक अवकाश घोषित कर दिया है। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सिविल सोसायटी और धार्मिक नेताओं संग बैठक भी की। मुख्यमंत्री ने अपील की कि मस्जिदों, मजारों और इमामबाड़ों विरोध जताते वक्त शांति बनाए रखें। अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर घाटी में एहतियातन इंटरनेट भी बेहद धीमा किया गया है। श्रीनगर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पुलिस और सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया है।
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