न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका से कोई टकराव नहीं: मेघवाल

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच टकराव से इनकार किया। उन्होंने बताया कि सरकार विभिन्न देशों की प्रणालियों का अध्ययन कर रही है। लंबित मामलों की संख्या पर चिंता जताते हुए, उन्होंने वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया।

न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका से कोई टकराव नहीं: मेघवाल

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच किसी भी प्रकार के टकराव से इनकार करते हुए कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में अच्छी परामर्श व्यवस्था का पालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए विभिन्न देशों में अपनाई जाने वाली प्रणालियों का अध्ययन कर रही है, हालांकि इसके लिए कोई औपचारिक तंत्र स्थापित नहीं किया गया है। एक साक्षात्कार में मेघवाल ने कहा कि उच्च न्यायपालिका में रिक्त पदों को भरने के लिए सरकार और कोलेजियम के बीच नियमित संवाद और परामर्श की प्रक्रिया चलती रहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कई बार कोलेजियम सरकार द्वारा सुझाए गए नामों से असहमत होता है, वहीं सरकार भी जांच में प्रतिकूल रिपोर्ट या अन्य कारणों से कुछ सिफारिशों को रोक सकती है, लेकिन इसे टकराव नहीं कहा जा सकता।

कोलेजियम प्रणाली के विकल्प

कोलेजियम प्रणाली के विकल्प की संभावना पर उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा रहा है। आगे इसके क्या निष्कर्ष निकलते हैं, यह देखना होगा।

लंबित मामलों की संख्या

कानून मंत्री ने न्यायालयों में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, 25 उच्च न्यायालयों और निचली अदालतों में पांच करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं। इन मामलों के बोझ को कम करने के लिए केंद्र सरकार मध्यस्थता समेत वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) तंत्र को मजबूत बनाने पर जोर दे रही है।

एनजेएसी विधेयक

उल्लेखनीय है कि संसद ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) के गठन संबंधी विधेयक पारित किया था। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्तूबर, 2015 को एनजेएसी अधिनियम और 99वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम को असंवैधानिक और अमान्य घोषित करते हुए रद्द कर दिया था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय कानून मंत्री ने न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच टकराव से इनकार किया और नियुक्ति प्रक्रिया में अच्छी परामर्श व्यवस्था का पालन करने की बात की।
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