'यहूदी बच्चों को बचाने के लिए महाराजा जाम को किया याद'

Newswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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यरूशलम में यहूदी नरसंहार स्मृति दिवस पर, भारत के राजदूत जेपी सिंह ने महाराजा जाम साहेब की बहादुरी का उल्लेख किया, जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान लगभग एक हजार बच्चों, जिनमें कुछ यहूदी भी थे, को बचाया। उन्होंने बच्चों को युद्ध के भयावहता से बचाने के लिए 1942 में उन्हें पनाह दी और एक घर बनाया।

'यहूदी बच्चों को बचाने के लिए महाराजा जाम को किया याद'

यरूशलम, एजेंसी। यहूदी नरसंहार स्मृति दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह में इजरायल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हजारों बच्चों की जान बचाने के लिए किए गए गुजरात के महाराजा जाम साहेब के साहस ने साबित किया कि करुणा सीमाओं से परे होती है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान महाराजा ने पोलैंड के लगभग एक हजार बच्चों को बचाया था, जिनमें कुछ यहूदी भी थे। उन्होंने बच्चों को युद्ध की भयावहता से बचाते हुए पनाह दी और 1942 में उनके लिए एक घर बनवाया। सिंह ने कहा कि इतिहास के सबसे अंधकारमय दौर में भी, मानवता ने एक रास्ता खोज लिया।

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