जेएनयूएसयू ने सुरक्षा कर्मियों से रिश्वत मांगने के आरोप लगाए, जांच की मांग
रजिस्ट्रार को दिया 370 सुरक्षाकर्मियों के हस्ताक्षर वाला पत्र नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता

रजिस्ट्रार को दिया 370 सुरक्षाकर्मियों के हस्ताक्षर वाला पत्र नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता
छात्रसंघ का आरोप
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने विश्वविद्यालय में संविदा पर कार्यरत सुरक्षा कर्मियों से नौकरी जारी रखने के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने के मामले का आरोप लगाया है। छात्र संघ ने बयान जारी कर आरोप लगाया है कि नए ठेकेदार के माध्यम से सुरक्षा कर्मियों से भारी रकम वसूली जा रही है।
सुरक्षा कर्मियों से वसूली
जेएनयूएसयू द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि विश्वविद्यालय में सुरक्षा सेवाओं के ठेके हर वर्ष बदलते हैं और कर्मचारियों को नौकरी बनाए रखने के लिए कथित तौर पर बड़ी राशि जमा करने के लिए मजबूर किया जाता है। छात्रसंघ ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में निजी ठेकेदारों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन के कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत है। छात्र संघ ने कहा कि 370 सुरक्षाकर्मियों के हस्ताक्षर वाला पत्र भी उन लोगों ने जेएनयू के रजिस्ट्रार को सौंपा है।
नई ठेका कंपनी की मांग
छात्रसंघ के अनुसार इस बार नई ठेका कंपनी के प्रतिनिधि प्रत्येक सुरक्षा कर्मी से 40 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि कर्मचारियों से कहा गया कि यदि वे नई व्यवस्था के तहत नौकरी जारी रखना चाहते हैं तो दस्तावेजों के साथ निर्धारित राशि भी जमा करनी होगी।
औपचारिक शिकायत और मांगें
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू) ने इस मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि यह संविदा कर्मियों से संगठित तरीके से वसूली का मामला है।
पिछले मामलों का जिक्र
जेएनयूएसयू ने दावा किया कि यह पहला मामला नहीं है। छात्रसंघ के अनुसार सितंबर 2025 में भी विश्वविद्यालय के स्वच्छता कर्मचारियों से कथित वसूली का मामला सामने आया था, जिसमें कुछ अधिकारियों और ठेका कंपनी के प्रतिनिधियों पर दलित कर्मचारियों से नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने के आरोप लगे थे।
छात्रसंघ की मांगें
छात्रसंघ ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई सुरक्षा कर्मी पिछले 10 से 12 वर्षों से संविदा आधार पर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी करने के बजाय असुरक्षा और कथित शोषण की स्थिति में रखा गया है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रसंघ ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो, कर्मचारियों को दबाव और अवैध वसूली से सुरक्षा दी जाए तथा लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए।
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