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जेएनयू में लगे आपत्तिजनक नारे, होगी कार्रवाई

जेएनयू में लगे आपत्तिजनक नारे, होगी कार्रवाई

संक्षेप:

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्रों ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए। जेएनयू प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करवाई है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। विश्वविद्यालय ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन किया, लेकिन हिंसा और राष्ट्रविरोधी कृत्यों को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही।

Jan 06, 2026 09:57 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सोमवार रात वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारा लगाने का मामला सामने आया है। जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ एफआईआर कराई जा चुकी है। आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कैंपस में छात्र संगठन एबीवीपी ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जेएनयू प्रशासन ने बयान जारी कर कहा है कि पांच जनवरी को साबरमती परिसर में आयोजित विरोध प्रदर्शन से संबंधित प्रसारित हो रहे वीडियो का गंभीर संज्ञान लिया है। इसमें जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) से जुड़े कुछ छात्रों द्वारा अत्यंत आपत्तिजनक, उकसाने वाले और भड़काऊ नारे लगाए गए।

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सक्षम प्राधिकारी ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और सुरक्षा शाखा को जांच के दौरान पुलिस के साथ सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जेएनयू ने बयान जारी कर कहा कि इस प्रकार के नारों का लगाया जाना लोकतांत्रिक असहमति के मूल्यों के पूरी तरह विपरीत है, यह जेएनयू की आचार संहिता का उल्लंघन करता है। इससे सार्वजनिक व्यवस्था, परिसर की शांति, सौहार्द तथा विश्वविद्यालय और देश की सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर रूप से बाधित करने की आशंका है। इस तरह के कृत्य संवैधानिक संस्थाओं और सभ्य एवं लोकतांत्रिक विमर्श की स्थापित मर्यादाओं के प्रति जानबूझकर किए गए अनादर को दर्शाते हैं। सभी संबंधित पक्षों को असहमति, दुर्व्यवहार और घृणास्पद भाषण के बीच स्पष्ट अंतर को समझना चाहिए, क्योंकि ऐसे कृत्य सार्वजनिक अव्यवस्था को जन्म देते हैं। जेएनयू ने ‘एक्स’ पर लिखे पोस्ट में कहा, विश्वविद्यालय नवाचार और नए विचारों के केंद्र होते हैं और उन्हें नफरत की प्रयोगशाला बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन किसी भी तरह की हिंसा, गैरकानूनी गतिविधि या राष्ट्रविरोधी कृत्य को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखा, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एफआईआर पहले ही दर्ज कराई जा चुकी है। घटना में शामिल पाए गए छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी, जिसमें तत्काल निलंबन, निष्कासन और विश्वविद्यालय से स्थायी रूप से निषिद्ध किए जाने जैसी सख्त कार्रवाई भी हो सकती है।