खेल : जम्मू-कश्मीर पहली बार बना रणजी ट्रॉफी का चैंपियन
शोल्डर : ऐतिहासिक : पहली पारी की बढ़त के आधार पर आठ बार के विजेता

हुबली, एजेंसी। श्रीनगर में 42 बार के चैंपियन मुंबई से पहले ही मैच में हार से जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी टूटे नहीं बल्कि दोगुना उत्साह के साथ फिर से मैदान पर लौटे। इसके बाद पारस डोगरा की इस टीम ने कोई मुकाबला नहीं गंवाया और शनिवार को रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट में एक सुनहरा अध्याय लिख दिया। आठ बार के चैंपियन कर्नाटक के खिलाफ फाइनल में पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब जीतकर टीम ने 67 साल का इंतजार खत्म किया। पांच दिन तक चले इस ऐतिहासिक मुकाबले में जम्मू-कश्मीर के जांबाजों ने पहले दिन से लेकर अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा।
दोपहर 2.10 पर जैसे ही कप्तान डोगरा ने दूसरी पारी घोषित की साथी खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। जम्मू-कश्मीर ने सुबह अपनी दूसरी पारी चार विकेट पर 186 रन से आगे बढ़ाई। कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने कर्नाटक को एक भी सफलता हासिल नहीं करने दी और नाबाद शतक लगाए। इससे जम्मू-कश्मीर के दबदबे का पता चलता है। जब मैच ड्रॉ करने पर सहमति बनी तब इकबाल 160 और लोत्रा 101 रन पर खेल रहे थे। इकबाल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का दूसरा जबकि लोत्रा ने पहला शतक लगाया। जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में चार विकेट पर 342 रन परर घोषित कर दी। उसने अपनी कुल बढ़त 633 रन कर दी थी। टीम ने पहली पारी में 584 रन बनाने के बाद कर्नाटक को 293 रन पर आउट कर दिया था। --------------- नबी ने प्लेयर ऑफ द सीरीज जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी रफ्तार से एक खूब धमाल मचाया। उन्होंने 12.56 की औसत और 2.65 की इकोनॉमी से 60 विकेट चटकाए। यह टूर्नामेंट के इतिहास में किसी गेंदबाज का सातवां सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस दौरान फाइनल सहित सात बार पारी में पांच विकेट भी झटके। इसके अलावा 245 रन की बनाए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज के अवॉर्ड से नवाजा गया। --------------------- पारस 10 हजार रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा रणजी के इतिहास में 10 हजार रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। वह 153 मैचों में 47.97 की औसत से 10603 रन बना चुके हैं। इसमें 34 शतक हैं जो दूसरे सर्वाधिक हैं। उनसे अधिक रन और शतक वसीम जाफर (12038 रन और 41 शतक) ने बनाए हैं। इन दोनों के अलावा कोई भी दस हजार का आंकड़ा नहीं छु पाया है। ----------------------- मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने दो करोड़ दिए मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए स्टेडियम में मौजूद थे। उन्होंने टीम के लिए दो करोड़ रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए हाल ही में अधिसूचित सरकारी नियमों के तहत सरकारी नौकरियों का लाभ भी दिया जाएगा। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि करार देते हुए कहा कि इसने पूरे क्षेत्र को गर्व और प्रेरणा से भर दिया है। ----------------------- ::: कोटस ::: 'सच कहूं तो मैं इसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता, मेरे पास शब्द नहीं हैं। इस समय यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। विदा होने से पहले यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।' - पारस डोगरा, कप्तान जम्मू-कश्मीर --------------- 'मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह पहला अवसर है जबकि हमारे राज्य ने कोई टूर्नामेंट जीता है। यह जेकेसीए के कोच, खिलाड़ियों और प्रशासकों के अथक प्रयासों का नतीजा है। इसलिए जेकेसीए को हार्दिक बधाई।' -कामरान इकबाल, खिलाड़ी, जम्मू-कश्मीर ----------------- 'हम सभी जानते हैं कि चाहे आप कुछ भी करो फाइनल का दबाव रहेगा। हमें बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए था। दुर्भाग्य से हम ऐसा नहीं कर पाए और उन्होंने हमसे कहीं बेहतर क्रिकेट खेली।' -देवदत्त पडिक्कल, कप्तान कर्नाटक ----------------------- 'भारत में जम्मू-कश्मीर टीम को जुझारूपन और धैर्य की एक उल्लेखनीय कहानी रचने के लिए बधाई। इसमें कोई संदेह नहीं है कि खिलाड़ी सराहना के हकदार हैं, लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि को आकार देने में पर्दे के पीछे कड़ी मेहनत करने वाले जम्मू-कश्मीर के कोचिंग सदस्य, प्रबंधन और प्रशासकों के योगदान को भी याद रखना चाहिए।' -जय शाह, आईसीसी अध्यक्ष
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