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डॉ. उमर ने आत्मघाती हमले को बताया था 'शहादत अभियान'

डॉ. उमर ने आत्मघाती हमले को बताया था 'शहादत अभियान'

संक्षेप:

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दिल्ली आतंकी हमले में शामिल डॉ. उमर नबी का मोबाइल फोन बरामद किया है। फोन से मिले वीडियो में उमर ने आत्मघाती हमले को 'शहादत अभियान' बताया। पुलिस ने उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिससे कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलीं। फोन की जांच एनआईए को सौंप दी गई है।

Nov 18, 2025 05:16 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नई दिल्ली, एजेंसी। जम्मू- कश्मीर पुलिस ने दिल्ली आतंकी हमले को अंजाम देने वाले डॉ. उमर उन नबी का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। मोबाइल से एक वीडियो मिला है जिसमें डॉ. उमर नबी ने आत्मघाती हमले को 'शहादत अभियान' बताया था। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को ये जानकारी दी। जम्मू- कश्मीर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया डॉ. उमर के भाई जहूर इलाही को हिरासत में लेकर कड़ाई से गई पूछताछ से ये खुलासा हुआ है। इलाही ने पूछताछ के दौरान बताया कि डॉ. उमर 26 से 29 अक्तूबर के बीच कश्मीर घाटी में था। उमर ने भाई को फोन देते हुए सख्त निर्देश दिया था कि अगर उसके खिलाफ कोई खबर चलती है तो फोन को पानी में बहा देगा।

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दिल्ली धमाके के बाद इलाही ने उमर के निर्देश के तहत फोन को ठिकाने लगा दिया। पुलिस पूछताछ के जरिए वहां पहुंची जहां फोन को फेंका गया था। कड़ी मशक्कत के बाद फोन बरामद किया। फॉरेंसिक टीम ने जैसे-तैसे फोन में मौजूद डाटा निकाला गया जिसे देख अधिकारियों के होश उड़ गए। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम जांच में जुटी है। आईएसआईएस से था प्रेरित पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फोन से जो चीजें मिली हैं वो इस बात का संकेत है कि डॉ. उमर पूरी तरह कट्टरपंथी बन चुका था। डॉ. उमर इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और सीरिया (आईएसआईएस) से प्रेरित था। वो इन दोनों संगठनों से जुड़े आत्मघाती हमलों के वीडियो देखता था। इसी को देखते हुए उसने दिल्ली धमाके की साजिश रची। वीडियो के सहारे उसने हमले की योजना बनाई थी। धमाका धार्मिक कार्यों में श्रेष्ठ पुलिस सूत्रों के अनुसार डॉ. उमर ने आत्मघाती हमले की बात करते हुए कई और वीडियो बनाए थे जिसमें वो दावा कर रहा था कि हमला श्रेष्ठ धार्मिक कार्यों में से एक है। मालूम हो कि 28 वर्षीय डॉ. उमर पुलवामा का रहने वाला था। उमर ने छह दिसंबर को देश के अलग-अलग शहरों में वाहना आधारित विस्फोटक से धमाके की साजिश रची थी। मोबाइल से मिला डाटा इसकी पुष्टि करता है। एनआईए को सौंपा फोन जम्मू- कश्मीर पुलिस ने डॉ. उमर के फोन की प्रारंभिक जांच के बाद उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एनआईए अब अपने स्तर से फोन की जांच करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर रही एनआईए डॉ. उमर के भाई को जल्द हिरासत में लेकर नए सिरे से पूछताछ भी शुरू कर सकती है जिसमें नए खुलासे संभव है। सबको दोष देना ठीक नहीं जम्मू- कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल में जो भी दोषी हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। नौगाम थाने में धमाके के चलते घायल हुए लोगों से मुलाकात के बाद उन्होंने ये बात कही। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए लेकिन पूरे जम्मू- कश्मीर की जनता को आतंकी समर्थक नहीं बताना चाहिए क्योंकि हम भी भारत के रहने वाले हैं। जनता को सजा नहीं मिले जम्मू- कश्मीर के नौगाम थाने में दुर्घटना से हुए धमाके के मामले में पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि दूसरों की गलती की सजा जनता को नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जांच हो और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, लेकिन सामान्य कश्मीरी को इसकी सजा नहीं दी जाए। थाने में धमाके में मारे गए इंस्पेक्टर असरार के परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने ये बात कही।