
जम्मू कश्मीर : अदालत ने पूर्व एमडी को दो साल की सजा
जम्मू-कश्मीर की अदालत ने 93 वर्षीय पूर्व प्रबंध निदेशक मोहम्मद शफी बांडे को अपनी जन्मतिथि में जालसाजी करने का दोषी ठहराया। उन्होंने जानबूझकर अपनी जन्मतिथि 1939 दर्ज कराई, जबकि असल जन्मतिथि 1932 थी। अदालत ने उन्हें दो साल की सजा और 5,000 रुपये का जुर्माना सुनाया।
जम्मू-कश्मीर की एक अदालत ने ‘जे-के कोऑपरेटिव सेंट्रल लैंड डेवलपमेंट लिमिटेड’ के 93 वर्षीय पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) को सेवा विस्तार के लिए अपनी जन्मतिथि में जालसाजी करने का दोषी ठहराया। अदालत ने हर अपराध के लिए दो साल की सजा सुनाई। अपराध शाखा कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के प्रयास के तहत पूर्व प्रबंध निदेशक (एमडी) मोहम्मद शफी बांडे को अपनी सेवा अवधि को अवैध रूप से बढ़ाने के लिए अपनी जन्मतिथि में जालसाजी करने के लिए दोषी ठहराया गया है। ईओडब्ल्यू के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला एक शिकायत से शुरू हुआ जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने एक फर्जी प्रमाण पत्र पेश करके जानबूझकर अपनी जन्मतिथि 1934 के बजाय एक सितंबर, 1939 दर्ज कराई थी।

उन्होंने कहा कि अपराध शाखा कश्मीर द्वारा जांच शुरू की गई, जिसके दौरान जालसाजी की पुष्टि हुई और यह पता चला कि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 26 जून 1932 थी। उन्होंने बताया कि इसके बाद अपराध शाखा कश्मीर (अब आर्थिक अपराध शाखा) में एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया। प्रवक्ता ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई के बाद श्रीनगर के सिटी जज की अदालत ने पूर्व एमडी को दोषी पाया और उन्हें प्रत्येक अपराध के लिए दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई। उस पर प्रत्येक अपराध के लिए 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




