
जामिया कुलपति ने संविधान के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता जामिया मिल्लिया इस्लामिया में सोमवार को 77वां गणतंत्र
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता जामिया मिल्लिया इस्लामिया में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस देशभक्ति और गरिमा के साथ मनाया गया। डॉ एम ए अंसारी ऑडिटोरियम के प्रांगण में कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रोफेसर मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। अपने अध्यक्षीय भाषण में कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें लोकतंत्र, समावेशन और सामाजिक न्याय के मूल्यों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया ‘सबके लिए और सबके द्वारा’ के सिद्धांत पर खड़ा संस्थान है, जहां शिक्षण, गैर-शिक्षण और प्रशासनिक कर्मियों का सामूहिक योगदान इसकी पहचान है।
कुलपति ने कहा कि सभी मौलिक अधिकार, चाहे वह समानता का अधिकार हो या स्वतंत्रता और शोषण से संरक्षण का अधिकार, संविधान से ही प्राप्त होते हैं और यही हमें जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। उन्होंने डॉ बी आर आंबेडकर सहित संविधान निर्माण से जुड़े अन्य प्रमुख व्यक्तित्वों के योगदान को भी स्मरण किया। प्रोफेसर आसिफ ने कहा कि भारत बहुसांस्कृतिकता, एकता और विविधता के मूल्यों का अद्वितीय उदाहरण है और जामिया स्थापना काल से ही इन मूल्यों को व्यवहार में उतारता आया है। ------------ आईपी यूनिवर्सिटी में मनाया गया गणतंत्र दिवस समारोह आईपी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) महेश वर्मा ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर बल देते हुए नवाचार, अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को राष्ट्र की प्रगति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि हर पीढ़ी को अपना योगदान देना होगा तभी यह रास्ता विकास के पथ पर अग्रसर होता रहेगा। इस बार यूनिवर्सिटी के एनएसएस सेल से जुड़े तीन छात्र- अनमोल राठौड़, सना परवीन और प्रियांशी कश्यप ने कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य गणतंत्र दिवस परेड में शिरकत की।

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