टैरिफ मामलों पर सरकार हस्तक्षेप करे : हुसैनी
जमात-ए-इस्लामी हिंद ने अमेरिकी टैरिफ में बढ़ोतरी और प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न आर्थिक संकट पर चिंता जताई। जमात के अध्यक्ष ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि इससे श्रम प्रधान उद्योग प्रभावित...

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने अमेरिकी टैरिफ में भारी बढ़ोतरी और देशभर में आई प्राकृतिक आपदाओं से हुई तबाही को गंभीर आर्थिक और मानवीय संकट बताया। जमात ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। जमात के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने शनिवार को मुख्यालय में आयोजित मासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय व्यवसायों और बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। हुसैनी ने कहा कि अमेरिकी आयात शुल्क 50 प्रतिशत तक बढ़ने से श्रम प्रधान उद्योग तबाही के कगार पर हैं। सूरत के हीरा उद्योग, उत्तर प्रदेश के कालीन केंद्र और तिरुप्पुर के वस्त्र उद्योगों पर इसका खास असर पड़ा है।
करीब 2,500 करोड़ रुपये के कालीन गोदामों में फंसे पड़े हैं और हजारों छोटे व्यवसाय बंद हो गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, केवल वित्त वर्ष 2025 में ही 35,000 से अधिक एमएसएमई बंद होने पर मजबूर हुए। प्राकृतिक आपदाओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र के गांव पूरी तरह उजड़ गए हैं। उन्होंने सरकार से किसानों को कम से कम 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
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