
तूतीकोरिन से 2027 में छोड़ा जाएगा रॉकेट: इसरो
तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम से 2027 में रॉकेट छोड़े जाएंगे। इसरो के प्रमुख वी नारायणन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में की थी। गगनयान मिशन पर भी काम जारी है और 2035 में भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा।
चेन्नई, एजेंसी। तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम से 2027 से रॉकेट छोड़ा जाएगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन वी नारायणन ने गुरुवार को ये जानकारी दी। इसरो प्रमुख ने बताया कि भारत के दूसरे अंतरिक्ष बंदरगाह का निर्माण तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित कुलसेकरपट्टिनम में चल रहा जहां से छोटे उपग्रहों का प्रक्षेपण संभव हो सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2023 में इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। सूत्रों के अनुसार इसरो प्रमुख ने भारतीय नौसेना के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान कम्युनिकेशन बेस को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। गगनयान मिशन पर काम जारी गंगनयान मिशन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि इसपर काम जारी है।

रॉकेट निर्माण और उससे जुड़ी दूसरी चीजों की निगरानी जारी है। गगनयान मिशन के तहत क्रू इस्केप सिस्टम को लेकर आठ हजार परीक्षण किए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2027 में गगनयान मिशन को लॉन्च करने की पूरी तैयारी है। इससे पहले तीन रॉकेट बिना क्रू के भेजे जाएंगे जिसको लेकर टीम निरंतर काम कर रही है। वर्ष 2035 में अपना अंतरिक्ष स्टेशन इसरो प्रमुख ने बताया कि वर्ष 2035 में अंतरिक्ष में भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा। इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम पांच मॉड्यूल पर काम कर रही है। पहले मॉड्यूल को वर्ष 2028 में लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए अनुमति मिल चुकी है। अन्य मॉड्यूल को पहले मॉड्यूल के नतीजों के आधार पर लॉन्च करने की योजना बनाई जाएगी। इसको लेकर काम तेजी से जारी है।

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