अंदर के लिए- चार प्रदेशों में फैला था नेटवर्क, आईएसआई के हैंडलर्स के निर्देश पर अबतक छह जगहों की रेकी कर
--- मुंबई के हुजैफा नाम के संदिग्ध की तलाश में छापेमारी, ये आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी, यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के लिए करता था काम नई दिल्ली प्रमुख संवाददातादिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े...

--- मुंबई के हुजैफा नाम के संदिग्ध की तलाश में छापेमारी, ये आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी, यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के लिए करता था काम नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के हत्थे चढ़े मॉड्यूल के संदिग्धों का नेटवर्क देश के चार प्रदेशों महाराष्ट्र, यूपी, झारखंड व पंजाब में फैला था। मॉड्यूल के दो संदिग्धों ने आईएसआई के हैंडलर्स के निर्देश पर अबतक छह जगहों की रेकी कर कर चुके थे। ये जगह दिल्ली व मुंबई से जुड़े बताए गए हैं। इस ऑपरेशन से जुड़ी स्पेशल सेल की टीम अब मुंबई के हुजैफा नाम के संदिग्ध की तलाश में छापेमारी कर रही है। ये आईएसआई एजेंट शहजाद भट्टी, यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के लिए काम करता था और इसने ही पकड़े गए दो संदिग्धों तौकीर और अरबाज को दिल्ली और मुंबई में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस कर्मियों पर ग्रेनेड हमलों और गोलीबारी को अंजाम देने का काम सौंपा गया था।
गिरफ्तारी का विवरण
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के स्पेशल कमिश्नर अनिल शुक्ता ने बताया कि खुफिया इनपुट और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, उत्तर प्रदेश के मूल निवासी आरोपी विजय उर्फ शूटर को पहले पुणे से गिरफ्तार किया गया जबकि उसके सहयोगी नीतीश को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया। विजय पाकिस्तान और दुबई से संचालित हो रहे नेटवर्क के सदस्यों के साथ संपर्क में था और उसे विभिन्न राज्यों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने व युवाओं की भर्ती करने का काम सौंपा गया था। विजय से पूछताछ के आधार पर मुंबई से तौकीर और अरबाज को गिरफ्तार किया गया। ये दोनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के संपर्क में थे। इन्हें मुंबई के हुजैफा (जो फिलहाल फरार है) नाम के व्यक्ति ने अपने साथ जोड़ा था। वह खुद शहजाद भट्टी, यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के इशारे पर काम करता है। तौकीर और अरबाज को दिल्ली और मुंबई में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा प्रतिष्ठानों और पुलिस कर्मियों पर ग्रेनेड हमलों और गोलीबारी को अंजाम देने का काम सौंपा गया था।
अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी
जांच आगे बढ़ी तो यह पता चला कि पंजाब का एक और समूह इसी नेटवर्क के इशारे पर हमला करने के इरादे से दिल्ली आ रहा है। इसके बाद सतर्क टीम ने पंजाब के रहने वाले तीनों आरोपियों हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मनजीत सिंह को महरौली-बदरपुर रोड पर धर दबोचा और उनके पास से हथियार बरामद किए गए। इसके बाद नेपाली नागरिक आंग कामी लामा को गिरफ्तार किया गया, जिसे आरोपियों के लिए छिपने के ठिकाने और फंडिंग की व्यवस्था करने का काम सौंपा गया था। आरोपियों से हुई पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क के हैंडलर्स दिल्ली, मुंबई, पंजाब और चंडीगढ़ में पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले करने की योजना बना रहे थे। इस ऑपरेशन के परिणामस्वरूप अलग-अलग राज्यों से कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित अंडरवर्ल्ड ऑपरेटर्स और आईएसआई सहयोगियों द्वारा संचालित किया जा रहा था। गिरफ्तार किया गया नेपाली नागरिक आंग कामी लामा पूर्व में थाईलैंड की जेल में बंद रहने के दौरान इस नेटवर्क के संपर्क में आया था। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क के तार अन्य ठिकानों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
मॉड्यूल का संचालन
स्पेशल सेल की जांच में यह भी पता चला है कि पूरा नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे अंडरवर्ल्ड सरगना मुन्ना झिंगाड़ा, शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े अन्य हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था। मुन्ना झिंगाड़ा फिलहाल कराची में बैठकर इस मॉड्यूल को संचालित कर रहा है। उसने अपने एक नेपाली सहयोगी को भारत भेजा था, जो नेटवर्क के सदस्यों तक धन और अन्य संसाधन पहुंचाने का काम कर रहा था।
नेपाली संदिग्ध की भूमिका
पुलिस के हत्थे चढ़ा संदिग्ध नेपाली नागरिक आंग कामी लामा पर आरोप है कि वह भारत में सक्रिय सदस्यों को सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने, उनके रहने की व्यवस्था करने और फंडिंग नेटवर्क को संचालित करने का काम कर रहा था। लामा की भूमिका केवल सहयोगी की नहीं बल्कि पूरे नेटवर्क के महत्वपूर्ण संपर्क सूत्र की थी। पूछताछ में पता चला है कि वह पहले थाईलैंड की जेल में बंद रह चुका है, जहां उसकी मुलाकात पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई व अंडरवर्ल्ड के लिए काम करने वाले मुन्ना झिंगाड़ा से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा और बाद में उसे भारत में नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई।
अंडरवर्ल्ड के साथ संबंध
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मुन्ना झिंगाड़ा का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। वह अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता रहा है। वर्ष 2000 में बैंकॉक में छोटा राजन पर हुए हमले में भी उसका नाम सामने आया था। इस मामले में वह थाईलैंड की जेल में करीब 17 वर्ष तक बंद रहा। जेल से रिहा होने के बाद उसने पाकिस्तान में शरण ली और वहीं से अंडरवर्ल्ड तथा आईएसआई समर्थित नेटवर्क के जरिए भारत विरोधी गतिविधियों को संचालित करना शुरू कर दिया।
हथियारों की आपूर्ति
पुलिस के हत्थे चढ़े संदिग्धों के के पास से बरामद जो चार हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं, वे बेहद खतरनाक थे। सुरक्षा कारणों से राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम ने नियंत्रित विस्फोट कर उन्हें नष्ट कर दिया। जांच एजेंसियों ने भी बताया कि ग्रेनेड, ग्लॉक पिस्टल और कारतूस ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से भारतीय सीमा में पहुंचाए गए थे। स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों, फंडिंग चैनल और विदेशी हैंडलरों की भूमिका की जांच कर रही है।
गिरफ्तार संदिग्धों की सूची
उत्तर प्रदेश:- (1) विजय उर्फ शूटर (मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश निवासी)
झारखंड:- (2) नीतीश पासवान (साहिबगंज, झारखंड निवासी)
महाराष्ट्र:- (3) तौकीर रिजवान अहमद शेख (मुंब्रा, महाराष्ट्र निवासी)(4) साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (कुर्ला, मुंबई निवासी)
पंजाब(5) हरविंदर सिंह (लुधियाना, पंजाब निवासी)(6) गगनदीप सिंह (लुधियाना, पंजाब निवासी)(7) मनजीत सिंह (लुधियाना, पंजाब निवासी)
नेपाल:- (8) लामा आंग कामी (काठमांडू, नेपाल निवासी)
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