ईरान में उग्र प्रदर्शन, सड़कों पर प्रदर्शनकारियों का कब्जा
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दुबई, एजेंसी। ईरान में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने मार्च निकाल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कार, बस और मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थानों पर आग लगा दी। कई जगहों पर हालात बेकाबू हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इस हिंसा में अब तक 42 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर, खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान के निर्वासित युवराज ने शुक्रवार को प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद पूरे देश में लोग सड़कों पर उतर आए। राजधानी तेहरान और अन्य क्षेत्रों की सड़कों पर मलबा बिखरा पड़ा है।
प्रदर्शनकारी अलाव जलाकर ईरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारी और पुलिस में भिड़ंत भी हुई है। इस बीच ईरान सरकार ने देश में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी हैं। ईरानी सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को इन प्रदर्शनों पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल के एजेंटों ने आग लगाई और हिंसा भड़काई। उसने यह भी कहा कि कुछ लोग हताहत हुए हैं, लेकिन इसके बारे में विस्तार से नहीं बताया। बता दें कि पिछले साल 28 दिसंबर से शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में लगातार तेजी आई है। कार और बसों में लगाई आग सरकारी टीवी पर दावा किया गया कि प्रदर्शनों में हिंसा हुई जिससे लोग हताहत हुए, लेकिन उसने इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया। उसने यह भी कहा कि प्रदर्शनों में लोगों की कार, मोटरसाइकिल के अलावा मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थानों, दमकल की गाड़ियों और बसों में आग लगा दी गई। अब तक 42 की मौत अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' के अनुसार प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 42 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। खामेनेई ने ट्रंप पर साधा निशाना ईरान के सर्वोच्च नेता 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई ने सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक संक्षिप्त संबोधन में संकेत दिया कि अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। वहीं, कुछ लोग 'अमेरिका मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे थे। खामेनेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं। महंगाई से बढ़ा लोगों का गुस्सा इन प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाजार से हुई थी, जो धीरे-धीरे पूरे देश के बाजारों और विश्वविद्यालयों तक फैल गए। यह विरोध प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब राष्ट्रीय मुद्रा का मूल्य डॉलर के मुकाबले गिरकर साढ़े 13 लाख ईरानी मुद्रा के पार पहुंच गया। पिछले दो सप्ताह से जारी इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह बढ़ती मुद्रास्फीति और मुद्रा के मूल्य में भारी गिरावट है, जिससे लाखों लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ----------------------------------- अगर प्रदर्शनकारी मारे गए तो ईरान पर हमला करेंगे : ट्रंप वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो इसका बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा। एक साक्षात्कार में ट्रंप ने ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कहा कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं जैसा कि वे अक्सर दंगों के दौरान करते हैं, तो उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे। उन्होंने कहा कि तेहरान को यह संदेश बहुत स्पष्ट शब्दों में दे दिया गया है कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी।

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