खेल : खिलाड़ियों के कमरों में अनधिकृत प्रवेश पर रोक, मैनेजरों से लेनी होगी अनुमति
आईपीएल में सख्ती : खिलाड़ियों के कमरों में अनधिकृत प्रवेश पर रोक, मैनेजरों से

आईपीएल में सख्ती : खिलाड़ियों के कमरों में अनधिकृत प्रवेश पर रोक, मैनेजरों से लेनी होगी अनुमति
नई दिल्ली, एजेंसी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने संभावित ‘हनी ट्रैप, कानूनी दायित्व और सुरक्षा जोखिमों’ के मद्देनजर कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ के सदस्यों और टीम अधिकारियों के होटल के कमरों में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बोर्ड ने पत्र लिखा
उल्लखेनीय है कि बोर्ड की भ्रष्टाचार विरोधी इकाई (एसीयू) ने हाल में ‘दुर्व्यवहार और प्रोटोकॉल के उल्लंघन’ की घटनाओं को उजागर किया था। बीसीसीआई ने आईपीएल की सभी 10 फ्रेंचाइजी के लिए जारी पत्र में कहा है कि खिलाड़ियों और अधिकारियों के कमरों में मेहमानों के प्रवेश के लिए टीम मैनेजरों से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगी। सभी फ्रेंचाइजी मालिकों को आईपीएल के पीएमओए प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी प्रकार के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया का पत्र
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी फ्रेंचाइजी के सीईओ को लिखे पत्र में कहा है, मौजूदा सत्र के दौरान कुछ घटनाओं को देखते हुए यह सलाह जारी की गई है और इसका उद्देश्य आईपीएल से जुड़े सभी हितधारकों से अपेक्षित पेशेवरपन, अनुशासन, सुरक्षा जागरुकता और प्रोटोकॉल का पालन करने के मानकों को मजबूत करना है।
कड़ा कदम उठाया
बीसीसीआई के संज्ञान में आया है कि आईपीएल के मौजूदा सत्र के दौरान खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ के सदस्यों और टीम अधिकारियों से जुड़े दुर्व्यवहार और प्रोटोकॉल उल्लंघन की कुछ घटनाएं हुई हैं। पत्र में कहा गया है, इन घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो टूर्नामेंट, संबंधित फ्रेंचाइजी और शासी निकाय के रूप में बीसीसीआई की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इससे व्यक्तियों और फ्रेंचाइजी को गंभीर कानूनी दायित्व और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।
अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश
बीसीसीआई ने कहा कि यह देखा गया है कि कुछ खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों ने संबंधित फ्रेंचाइजी टीम के मैनेजर की जानकारी या अनुमति के बिना अनधिकृत व्यक्तियों को होटल के अपने कमरों में प्रवेश करने की अनुमति दी है। कई मामलों में टीम मैनेजर को ऐसे मेहमानों की उपस्थिति के बारे में भी पता नहीं था। इस चलन को तत्काल प्रभाव से सख्ती से प्रतिबंधित किया जाता है।
मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी)
सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को अब एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) दी गई है जिसका पालन टूर्नामेंट की पूरी अवधि के दौरान करना आवश्यक होगा। कुछ मुख्य बातें ...
1. टीम मैनेजर की पूर्व सूचना और स्पष्ट लिखित स्वीकृति के बिना खिलाड़ी या सहायक स्टाफ सदस्य के होटल के कमरे में किसी अन्य व्यक्ति को प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
2. खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को अपने नामित सुरक्षा अधिकारी (एसएलओ) और टीम इंटीग्रिटी अधिकारी (टीआईओ) को सूचित किए बिना ‘अनियमित समय’ पर टीम के होटलों से बाहर निकलने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
3. बीसीसीआई या आईपीएल संचालन परिषद दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जांच कर सकते हैं। उल्लंघन करने पर संबंधित खिलाड़ी, सहायक स्टाफ और टीम अधिकारी पर वित्तीय दंड से लेकर निलंबन या अयोग्यता तक के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
4. आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिकों और उनके प्रतिनिधियों को मैच के दौरान डगआउट, ड्रेसिंग रूम या मैदान में खिलाड़ियों या टीम के अधिकारियों के साथ संवाद करने या शारीरिक रूप से उन तक पहुंचने से सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।
5. भारतीय कानून के तहत ई-सिगरेट प्रतिबंधित है। आईपीएल टूर्नामेंट से जुड़े सभी स्थलों (ड्रेसिंग रूम, डगआउट, टीम होटल और अभ्यास क्षेत्र) में वेपिंग, ई-सिगरेट और सभी प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग करने पर सख्त प्रतिबंध है।
सामान्य प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


