मिश्रित माध्यमों से उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना समावेशी राष्ट्रीय विकास के लिए आवश्यक: आशीष सूद
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग,

नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग, मुक्त शिक्षा परिसर द्वारा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) एवं ब्रिटिश काउंसिल के सहयोग से आयोजित मुक्त, दूरस्थ, डिजिटल एवं मिश्रित शिक्षण में उभरती प्रवृत्तियां एवं चुनौतियां विषय पर प्रथम अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन विज्ञान भवन, नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर गुरुवार को दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि भारत की विशाल युवा जनसंख्या को ऑनलाइन, दूरस्थ, डिजिटल एवं मिश्रित अधिगम के माध्यमों से उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना समावेशी राष्ट्रीय विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के अनुरूप शिक्षा का सशक्तिकरण, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक गतिशीलता का प्रमुख आधार बताया, जिससे युवा नागरिक राष्ट्र के निर्माण में सार्थक योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि भारत की ज्ञान साझा करने की परंपरा मुक्त शैक्षिक संसाधनों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, स्वयं मंच, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट तथा राष्ट्रीय डिजिटल विश्वविद्यालय जैसी पहलों में परिलक्षित होती है। ये सुधार उच्च शिक्षा में पहुंच, लचीलापन और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग करते हैं तथा भारत को किफायती और व्यापक अधिगम के वैश्विक केंद्र के रूप में सशक्त बनाते हैं। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा यह सम्मेलन नीति संवाद, शैक्षणिक आदान-प्रदान और डिजिटल एवं मिश्रित अधिगम में वैश्विक श्रेष्ठ अनुभवों के साझा करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। मुक्त शिक्षा परिसर की निदेशक प्रो. पायल मागो ने मुक्त और दूरस्थ शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन में नवाचार, गुणवत्ता सुनिश्चितता, शिक्षार्थी सहायता प्रणालियों तथा शिक्षकों की क्षमता निर्माण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में निर्धारित राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप संस्थागत पहलों को सुदृढ़ करता है। डीयू कुलपति प्रो. योगेश सिंह को चुना गया मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा संस्थानों के अंतर्राष्ट्रीय संघ का अध्यक्ष कार्यक्रम के दौरान मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा संस्थानों के अंतर्राष्ट्रीय संघ की प्रथम अध्यक्षीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में संसाधन साझा करने, मुक्त शैक्षिक संसाधनों के प्रोत्साहन तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा विश्वविद्यालयों के माध्यम से सकल नामांकन अनुपात में वृद्धि हेतु रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। यह सहमति बनी कि यह संघ एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में कार्य करेगा तथा इसका संविधान सदस्यों द्वारा अंतिम रूप से स्वीकृत किया गया। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह को अध्यक्ष तथा मुक्त शिक्षा परिसर की निदेशक प्रो. पायल मागो को महासचिव चुना गया। गौरतलब है कि यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन दिल्ली विश्वविद्यालय के दूरस्थ एवं सतत शिक्षा विभाग, मुक्त शिक्षा विद्यालय तथा मुक्त शिक्षा परिसर द्वारा राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद और ब्रिटिश परिषद के सहयोग से 29 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

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