बीमा कंपनियों की प्रक्रिया जटिल
बीमा कंपनियों ने दावों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। ग्राहकों को कई दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और पैन कार्ड की कॉपी अपलोड करनी पड़ती है। शिवम यादव और नील पटेल जैसे कई ग्राहक भुगतान में देरी की शिकायत कर रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार 30 दिनों के भीतर भुगतान होना चाहिए।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। बीमा कंपनियों ने बीमा दावा करने और फिर उससे जुड़े कागजों को अपलोड करने की ऑनलाइन प्रक्रिया को जटिल बना रखा है। आम ग्राहक के लिहाज से देखा जाए तो बीमा राशि का दावा करना आसान नहीं है क्योंकि दावे के वक्त चिकित्सा से जुड़े कागजात के साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड से लेकर कैंसिल चेक तक की कॉपी मांगी जाती है। जबकि पॉलिसी में ग्राहक द्वारा यह सारी जानकारी पहले से दी गई होती है। ऊपर से ऑनलाइन दावा पोर्टल पर कागजों के अपलोड करने का साइज भी निर्धारित है। ऐसे में कोई बार फाइल बड़ी होती है, जिसे छोटा कर अपलोड करना ग्राहक के लिए मुश्किल होती है।
कागज पूरे लेकिन दिखाए जा रहे अधूरे शिवम यादव नाम के पॉलिसीधारक ने इरडा में क्लेम आईडी के साथ शिकायत दर्ज कराई कि उसके द्वारा कई बार कागज उपलब्ध कराए जा चुके हैं लेकिन फिर भी बीमा कंपनी द्वारा दावे का भुगतान नहीं किया जा रहा है। भुगतान की संभावित तिथि को लगातार बदला जा रहा है। कब तक भुगतान किया जाएगा, इसको लेकर कोई स्थिति साफ नहीं है। ऐसे मामलों की संख्या काफी अधिक है। पांच महीने से भुगतान का इंतजार भुगतान में देरी को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें निजी कंपनियों को लेकर हैं। नील पटेल नाम के यूजर ने सोशल मीडिया पर शिकायत दर्ज कराई है। उसने लिखा कि मेरे दावे का पांच महीने से भुगतान नहीं किया जा रहा है। कंपनी द्वारा कोई जवाब भी नहीं दिया जा रहा है। जबकि मैंने कंपनी को मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध करवा दिए हैं। इस तरह के मामलों की भी संख्या काफी अधिक है। --------------- नियमों के तहत भुगतान से जुड़े प्रावधान सामान्य स्वास्थ्य व सामान्य बीमा क्लेम -सभी आवश्यक दस्तावेज जमा होने पर 30 दिनों में निपटारा होना चाहिए। - अगर दस्तावेजों की जांच जरूरी है तो इस स्थिति में कंपनी 45 दिनों के अंदर क्लेम निस्तारित करना होगा। ---------------- क्लेम (अस्पताल में सीधे भुगतान) -पहले ली गई मंजूरी- 1 घंटे के अंदर - अंतिम बिल स्वीकृति - 3 घंटे के अंदर --------- जीवन/बीमा दावा - मृत्यु दावा बिना जांच के 15 दिनों में - अगर जांच जरूरी तो 45 दिनों तक - परिपक्वता/अन्य लाभ नियत तारीख पर देने होंगे।
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