
इंडोनेशिया ने एलन मस्क के ग्रोक पर प्रतिबंध लगाया
इंडोनेशिया ने एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय सुरक्षा के लिए लिया गया है, क्योंकि ग्रोक के इमेज-जेनरेशन फीचर का दुरुपयोग महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने के लिए किया जा रहा था। भारत और अन्य देशों में भी इस पर कार्रवाई की गई है।
जकार्ता, एजेंसी। इंडोनेशिया एलन मस्क की कंपनी एक्सएआई द्वारा विकसित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट ग्रोक पर प्रतिबंध लगा दिया है। इंडोनेशिया पहला ऐसा देश है जिसने ग्रोक पर यह कार्रवाई की है। बिना सहमति के आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। ग्रोक के इमेज-जेनरेशन फीचर के जरिए उपयोगकर्ता महिलाओं और बच्चों की असली तस्वीरों को अश्लील या आपत्तिजनक तस्वीरों में बदल रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार यह टूल महिलाओं की तस्वीरों को बिकनी या कम कपड़ों में दिखाने के अनुरोधों का पालन करता था। इसमें अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप जैसी बड़ी हस्तियों की नकली तस्वीरें भी बनाई गईं।
इंडोनेशिया की संचार और डिजिटल मामलों की मंत्री मेउट्या हाफिद ने कहा कि यह निलंबन सुरक्षा के लिए किया गया है। हाफिद ने कहा, महिलाओं, बच्चों और जनता को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का इस्तेमाल करके बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीरों के खतरों से बचाने के लिए, सरकार ने ग्रोक एप्लिकेशन को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया है। सरकार बिना सहमति के डीपफेक प्रथाओं को मानवाधिकारों, गरिमा और डिजिटल स्पेस में नागरिकों की सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन मानती है। कई देशों में प्रतिबंध ग्रोक को अन्य कई देशों में भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है, लेकिन इंडोनेशिया पहला देश है जिसने पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। रिपोर्ट के अनुसार प्लेटफॉर्म ने चौतरफा विरोध के बाद अपने कुछ फीचर्स को केवल भुगतान करने वाले सब्सक्राइबर तक सीमित कर दिया है, इस कदम की यूरोपीय अधिकारियों और डिजिटल अधिकार प्रचारकों ने आलोचना की है, जो कहते हैं कि यह समस्या का पर्याप्त रूप से समाधान नहीं है। मीडिया के सवालों के जवाब में, मस्क के स्वामित्व वाले स्टार्टअप एक्सएआई ने बयान जारी कर कहा, कि मीडिया झूठ बोलता है। भारत ने भी की है कार्रवाई भारत में, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भी कार्रवाई की है। एक्स को को पत्र लिखकर कहा है कि अगर उन्होंने ऐसी अश्लील सामग्री को तुरंत नहीं रोका, तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें मिलने वाली कानूनी छूट खत्म कर दी जाएगी।। मंत्रालय ने प्लेटफॉर्म से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। इसे लेकर पूरे यूरोप में भी चिंताएं बढ़ गई हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी कहा है कि वह सभी विकल्पों पर विचार करना चाहते हैं।

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