
यात्री सुरक्षा के लिए जरूरी हैं एयरलाइनों में लागू नए नियम
-एक नवंबर से लागू हुआ है एफडीटीएल का दूसरा चरण -विमानन दल के ड्यूटी
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता, एजेंसी। इंडिगो विमानों की उड़ानों को लेकर बने संकट के पीछे नए नियमों को वजह बताया जा रहा है, लेकिन हवाई यात्रा और यात्रियों व विमानन कार्मिकों की सुरक्षा के लिए ये नियम बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये नियम पायलटों और केबिन क्रू के ड्यूटी की अवधि से जुड़े हैं। इसके अलावा रात में विमानों की लैंडिंग को लेकर भी इसमें अहम निर्देश हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने देश में हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) के नियम जारी किए। इसके तहत पायलट व विमान क्रू की थकान को कम करने के लिए साप्ताहिक आराम की अवधि को बढ़ाया गया।

रात की ड्यूटी से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया। इसके तहत उड़ानों के संचालन के लिए जिम्मेदार कर्मियों (पायलट, क्रू मेंबर) की ड्यूटी के समय में बदलाव किया गया है। डीजीसीए का मानना है कि लगातार ड्यूटी करने से कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जो उड़ानों की सुरक्षा के लिए चिंता का कारण बन सकती है। ऐसे में उनके लिए आराम की सुविधा देना आवश्यक है। रात की उड़ानों और लैंडिंग पर भी सख्त सीमाएं निर्धारित की गई हैं। एफडीटीएल नियमों का पहला चरण एक जुलाई 2025 को लागू किया गया था, जबकि जबकि दूसरा चरण 1 नवंबर से लागू हुआ है। सूत्रों का कहना है कि दूसरा चरण लागू होने के बाद इंडिगो ने अपने पायलटों की छुट्टी को कम किया। लेकिन बाद में छुट्टियां वापस खरीदने की कोशिश की। इन फैसलों का कर्मचारियों के प्रबंध पर असर पड़ा। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के इस नए नियम को लागू करने के बाद पायलटों, केबिन क्रू की संख्या कम हो गई है। ऐसे में इसे उड़ानों के रद्द होने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। क्रू मेंबर के लिए यह नियम -एक दिन में आठ घंटे से अधिक की उड़ान नहीं होनी चाहिए -एक सप्ताह में उड़ान की कुल अवधि 35 घंटे से अधिक न हो -एक माह में उड़ानों की कुल अवधि 125 घंटे से ज्यादा नहीं पायलटों के लिए यह नियम -रात में दो से अधिक लैंडिंग नहीं कर सकते हैं, पहले यह संख्या छह थी -सप्ताह में दो दिन के बराबर (48 घंटे) आराम देना अनिवार्य -दो साप्ताहिक आराम के बीच 168 घंटे से ज्यादा अंतर न हो 55 से 57 घंटे उड़ान भर रहे थे एयरलाइन के पायलट फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा का कहना है कि इंडिगो देश में सबसे अधिक उड़ानें संचालित करता है। एयरलाइन के पायलट प्रति सप्ताह 55 से 57 घंटे उड़ानें भर रहे थे। नए नियम के बाद एक नवंबर से एयरलाइन ने पायलटों को छुट्टियां लेने के लिए तो कहा, लेकिन उड़ानों को सुचारु रखने के लिए पायलटों का रोस्टर ठीक से लागू नहीं किया गया। इसी तरह क्रू मेंबरों की ड्यूटी के भी उचित तरीके नहीं अपनाए गए। इसके चलते उड़ानों के रद्द होने या देरी होने की दिक्कत बढ़ गई।

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