
लोगों का सब्र टूटा मदद मिलना मुश्किल
इंडिगो की उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों में भारी नाराजगी है। यात्रियों का सामान गायब है और वे सही जानकारी के लिए भटक रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह एक साजिश है जो सरकार पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। इंडिगो पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
नई दिल्ली, एजेंसी। इंडिगो उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों की परेशानी खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। विमान यात्री सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा बयां कर रहे हैं। सात दिन से जारी संकट के चलते लोगों का सब्र टूट गया है। कोई अपने सामान के लिए रो रहा है तो कोई घर पहुंचने के लिए दर-दर भटक रहा है। लोगों का कहना है कि आम जन बेहाल हैं लेकिन अभी तक किसी पर जिम्मेदारी तय नहीं हुई है। आखिर पूरी गड़बड़ी का दोषी कौन है? पैसा नहीं हमारा सामान दो मुंबई जाने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची एक महिला यात्री का सब्र उस वक्त टूट गया जब उसे एयरपोर्ट पर कोई सही जानकारी देने वाला नहीं मिल रहा था।
वायरल वीडियो में महिला रोते हुए कह रही है कि मुझे रिफंड नहीं चाहिए लेकिन मेरा सामान लौटा दो। बैग में लाखों का सामान है। महिला ने बताया कि वो बैग के एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर भटक रही है लेकिन कोई सही जवाब नहीं दे रहा है। सामान्य समस्या नहीं, साजिश डॉ. जितेंद्र नागर ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मैं खुद एयरपोर्ट पर मौजूद थे। जो भी संकट है वो सामान्य या दैनिक नहीं है। ये एक साजिश का हिस्सा है जिसका उद्देश्य सरकार से अपनी बात मनवानी है। अभी जो कुछ भी चल रहा है वो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है। पूरे मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वेब चेक इन के बाद सेवा रद्द मंजुल ने बताया कि उनके एक दोस्त को नौ दिसंबर को कानपुर से मुंबई जाना था। यात्रा के लिए वेब चेकइन भी कर लिया था। दोस्त यात्रा की तैयारी कर रहा था इसी बीच संदेश आया कि आपकी फ्लाइट संचालन संबंधी दिक्कतों के कारण रद्द कर दी गई है। उन्होंने दोबारा वेबसाइट पर देखा तो उस रूट की टिकट मिल रही थी लेकिन एक टिकर बीस हजार रुपये की थी। सरकार को इसमें देखना चाहिए। टिकट बुक करना ही उद्देश्य अर्नब रे एक्स पर लिखा कि इंडिगो उस उड़ान की टिकट बेच रही है जिसके लिए पायलट निर्धारित नहीं किया गया है। इसी का नतीजा है कि अचानक समय पर सेवा को रद्द किया जा रहा। कंपनी संकट के बीच लगातार यात्रियों की परेशानी को बढ़ाने का काम कर रही है। ये भी आपराधिक कृत्य है। इस संबंध में विस्तृत जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रताड़ित किया जा रहा अनुराधा तिवारी ने एक्स पर लिखा कि इंडिगो यात्रियों को प्रताड़ित कर रहा क्योंकि उसे ये बखूबी पता है कि उसका कुछ नहीं होगा। इसी का नतीजा है कि लोग दर-दर भटक रहे हैं। शांतनु नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि इंडिगो कह रहा है कि हम यात्रियों को मुफ्त में रहने की व्यवस्था कर रहे हैं। हकीकत ये है कि किसी को ठहरने का उचित इंतजाम नहीं किया जा रहा। सिर्फ बरगलाया जा रहा है। सीएफओ ने बताया सच एयर एशिया के पूर्व सीएफओ विजय गोपालन ने वायरल वीडियो में संकट का सच बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पायलटों का आराम का समय बढ़ा दिया। ऐसे में इंडिगो के पास इतने पायलट नहीं है कि सभी उड़ाने समय पर संचालित हो सके। इसी का नतीजा है कि हालात खराब हो गए हैं। एयर इंडिया के काफी विमान ग्राउंडेड हैं। ऐसे में उन विमानों के पायलटों से वो अपने विमानों का संचालन कर रहा है। इंडिगो बोर्ड का सदस्य इस मामले पर क्यों नहीं कुछ बोल रहा है। बोर्ड के सदस्य बताएं कि कंपनी के साथ क्या गड़बड़ है। क्या बोर्ड के लोग अपना पक्ष रखेंगे और बताएंगे कि लोग क्यों परेशान हैं। किरण बेदी, पूर्व आईपीएस

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