
इंडिगो परिचालन संकट पर चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने मांगी सार्वजनिक माफी
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता इंडिगो एयरलाइन में पिछले सप्ताह हुए बड़े परिचालन संकट
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता इंडिगो एयरलाइन में पिछले सप्ताह हुए बड़े परिचालन संकट को लेकर इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) के बोर्ड चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने यात्रियों ने माफी मांगी है। 3 दिसंबर से शुरू हुई इस अव्यवस्था के चलते हजारों यात्री फंस गए, कई उड़ानें रद्द हो गईं और बड़ी संख्या में यात्रियों का सामान देर से पहुंचा। मेहता ने स्वीकार किया कि इस अवधि में एयरलाइन अपने ग्राहकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और इसके लिए कंपनी खेद व्यक्त करती है। मेहता ने कहा कि 3, 4 और 5 दिसंबर को अप्रत्याशित घटनाओं की श्रृंखला ने बड़े पैमाने पर उड़ानों को प्रभावित किया।
यात्रियों के छूटे हुए पारिवारिक कार्यक्रम, व्यावसायिक नियुक्तियां और मेडिकल अपॉइंटमेंट्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था ने लोगों को व्यक्तिगत रूप से प्रभावित किया और बोर्ड इसे गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने बताया कि बयान देने में देरी का कारण यह था कि बोर्ड और वे पहले संचालन सामान्य करने और प्रभावित यात्रियों की मदद करने को प्राथमिकता दे रहे थे। इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने पहले ही घोषणा की थी कि संचालन स्थिर हो चुका है। मेहता ने पुष्टि की कि अब 1,900 से अधिक उड़ानें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, सभी 138 गंतव्य जुड़े हैं और समय-पालन फिर से सामान्य स्तर पर पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि संचालन सामान्य होने के बाद अब यह उचित समय है जब कंपनी अपने ग्राहकों के सामने स्पष्टीकरण दे। अव्यवस्था के कारणों पर उठे प्रश्नों का जवाब देते हुए मेहता ने कहा कि यह संकट किसी जानबूझकर किए गए कदम या नियमों के उल्लंघन का परिणाम नहीं था। उनके मुताबिक यह तकनीकी दिक्कतें, मौसम की प्रतिकूल स्थितियां, सर्दियों के शेड्यूल परिवर्तन, एयर ट्रैफिक भीड़ और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पायलटों की थकान से जुड़े नए एफडीटीएल नियमों का पालन एयरलाइन ने जुलाई और नवंबर दोनों में पूरी तरह किया था। बोर्ड पर निष्क्रियता के आरोपों को खारिज करते हुए मेहता ने बताया कि संकट के पहले ही दिन आपात बैठक बुलाई गई और एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप बनाया गया। बोर्ड और जोखिम प्रबंधन समिति कई महीनों से इस विषय पर प्रबंधन से नियमित जानकारी प्राप्त कर रहे थे। संकट के दौरान बोर्ड सदस्य लगातार संचालन टीम के संपर्क में रहे और रोजाना समीक्षा की गई। मेहता ने बताया कि अब तक कई सौ करोड़ रुपये के रिफंड प्रोसेस हो चुके हैं, जरूरतमंद यात्रियों को होटल और यात्रा सहायता दी गई है, और अधिकांश लंबित बैग यात्रियों तक पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने इंडिगो के पायलटों, केबिन क्रू, इंजीनियरों और फ्रंटलाइन कर्मचारियों की सराहना की, जिन्होंने मुश्किल समय में लगातार काम करके नेटवर्क को जल्दी स्थिर किया। अंत में उन्होंने कहा कि यह घटना इंडिगो के स्वच्छ रिकॉर्ड पर एक दाग है, लेकिन कंपनी इससे सीखेगी, अपने सिस्टम को और मजबूत करेगी और यात्रियों का भरोसा वापस हासिल करेगी। उन्होंने इसे कर्मों का सफर बताया और भरोसा दिलाया कि इंडिगो अपनी विश्वसनीयता और सुरक्षा के मानकों को और बेहतर बनाकर आगे बढ़ेगी।

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