
आईजीआई एयरपोर्ट पर एनआईए अधिकारी बनकर आई महिला 11 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार
संक्षेप: नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर
नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भारतीय महिला यात्री को गिरफ्तार किया है, जो खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अधिकारी बताकर कस्टम जांच से बचने की कोशिश कर रही थी। जांच के दौरान उसके पास से 11.350 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (हाइड्रोपोनिक तरीके से उगाया गया गांजा)बरामद किया गया। 8 नवंबर को बैंकॉक से एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या एआई-2335 से दिल्ली पहुंची इस महिला यात्री को एपीआईएस प्रोफाइलिंग के आधार पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने गुप्त निगरानी में रखा था।

टीम ने विमान से उतरने के क्षण से लेकर कस्टम के ग्रीन चैनल तक उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी। इस दौरान अधिकारियों ने देखा कि वह महिला एयरपोर्ट के वॉशरूम में जाकर कपड़े बदल रही थी। उसने काले रंग की जैकेट उतारकर धूसर रंग की एक ऐसी जैकेट पहन ली जिस पर भारत का राष्ट्रीय प्रतीक और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) लिखा था। इससे साफ संकेत मिला कि वह खुद को सरकारी अधिकारी दिखाकर कस्टम जांच से बचना चाहती थी। ग्रीन चैनल पार करने के बाद जब एआईयू अधिकारियों ने उसे रोका तो उसने आत्मविश्वास से खुद को एनआईए अधिकारी बताया और बैग खोलने से इनकार कर दिया। अधिकारियों के बार-बार आग्रह करने पर उसने एनआईए का एक पहचान पत्र दिखाया, जो जांच में फर्जी पाया गया। इसके बाद उसके बैग की एक्स-रे जांच की गई जिसमें संदिग्ध वस्तुएं दिखाई दीं। बैग खोलने पर 20 वैक्यूम-सील पैकेट बरामद हुए जिनमें हाइड्रोपोनिक वीड भरा था। ये पैकेट छोटे कपड़े के थैलों में रखे गए थे जिन पर एनआईए और राष्ट्रीय प्रतीक अंकित था। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 11.350 किलोग्राम पाया गया। महिला को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सीमा शुल्क विभाग ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि महिला किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि यह मामला न केवल मादक पदार्थों की तस्करी बल्कि सरकारी एजेंसियों के नाम पर फर्जी पहचान बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को भेदने के गंभीर प्रयास का भी उदाहरण है। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और विदेश यात्रा से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन कर रही हैं।

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