सर्वे::भारत में भव्य शादियां लोकप्रिय, पर खर्च को लेकर जागरूक हो रहे युवा

हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नोट: कृप्या मिंट का लोगो लगाएं, ग्राफ के लिए मिंट का फ्लैप देखें अधिक

सर्वे::भारत में भव्य शादियां लोकप्रिय, पर खर्च को लेकर जागरूक हो रहे युवा

नोट: कृप्या मिंट का लोगो लगाएं, ग्राफ के लिए मिंट का फ्लैप देखें अधिक आय वाले लोगों को लोन लेकर भी शादी में संकोच नहीं

सोना और चांदी महत्व कम हो रहा

यूगव इंडिया मिंट और सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च(सीपीआर) सर्वे के अनुसार, सोना और चांदी, जो कभी शादी की रस्मों का मुख्य हिस्सा हुआ करते थे, अब धीरे-धीरे अपना महत्व खो रहे हैं। लगभग आधे लोगों ने कहा कि वे कीमती धातुओं का इस्तेमाल पूरी तरह से छोड़ सकते हैं। जो लोग अभी भी इन्हें जरूरी मानते हैं, उनमें से ज्यादातर (31%) ने इन्हें परंपरा के बजाय निवेश के लिए खरीदने की बात कही। सर्वे में यह भी सामने आया कि ज्यादा कमाई वाले लोगों को जश्न के लिए कर्ज लेने में भी कोई दिक्कत नहीं है। दक्षिण भारत में लोग सादगी भरी शादियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

थोड़ा बहुत कर्ज चलता है

10 में से 7 लोगों ने कहा कि शादी का खर्च या तो थोड़ा-बहुत कर्ज लेकर उठाया जा सकता है। यह सर्वे मार्च-अप्रैल 2026 में 207 कस्बों और शहरों में 10022 वयस्कों के बीच किया गया था। सर्वे में शामिल लगभग 53% लोग जेनजी और 34% मिलेनियल्स थे।

अधिक कमाने वाले लोग ज्यादा खर्च के इच्छुक

अधिक इनकम वाले लोग (जो हर महीने 1 लाख रुपये से ज्यादा कमाते हैं) शानदार शादियों को पसंद करते हैं। 72% लोगों ने इसका समर्थन किया, जबकि कम आय वाले ग्रुप में यह आंकड़ा 66% था। इस ग्रुप में भी, लोगों की पसंद दो हिस्सों में बंटी हुई थी: 49 फीसदी लोग इस बात से सहमत थे कि शादी पारंपरिक समारोह के साथ हों। जिनमें बहुत सारे मेहमान हों (49%)। अधिकांश युवा छोटी डेस्टिनेशन वेडिंग और कम मेहमान को पसंद कर रहे हैं।

शादी के लिए उनका औसत बजट 10 लाख रुपये था

शादी के लिए उनका औसत बजट 10 लाख रुपये था। लगभग 32% लोगों ने कहा कि वे 20 लाख रुपये से अधिक खर्च करने में सहज महसूस करते हैं। सबसे कम इनकम वाले लोगों में, औसत बजट 2 लाख रुपये था।

अधिक आय वाले लोग उधार लेने के अधिक इच्छुक थे

48% लोगों ने कहा कि उन्हें शादी के लिए लोन लेने में कोई दिक्कत नहीं है। क्योंकि वे इसे जिंदगी में एक बार होने वाला खर्च मानते हैं, जबकि कुल मिलाकर यह आंकड़ा 30% था।

युवाओं ने कहा शादियां शानदार होनी चाहिए

दो-तिहाई से अधिक लोगों ने कहा कि शादियां शानदार होनी चाहिए। जेन जी छोटी डेस्टिनेशन वेडिंग को अधिक पसंद कर रहे हैं। बड़े पारंपरिक समारोहों में उनकी दिलचस्पी कम दिखी। हालांकि उनमें से कई लोग अभी अपने करियर की शुरुआत में ही हैं, फिर भी शादी के लिए उनका औसत बजट 4.9 लाख रुपये था।

सर्वे के आंकड़े(प्रतिशत में)

कैसी शादी चाहते हैं युवा

कम या समारोह नहीं: 13

साधारण कोर्ट मैरेज 18

डेस्टिनेशन वेडिंग, कम मेहमान 23

पारंपरिक, अधिक मेहमानों केसाथ 46

दोस्त, परिवार बैंक से लोन लेकर

कोई दिक्कत नहीं,यह एक बार का खर्च 30

कुछ हिस्सा लोन ले सकते हैं 36

स्वीकार नहीं 34

सोना और चांदी का उपयोग

महत्वपूर्ण परंपरा, होना ही चाहिए 20

निवेश के लिए उपयोगी है 31

काफी महंगा है, दूसरे विकल्प हों 22

परंपरा से अलग किया जाना चाहिए 27

आम जानकारी के आधार पर पूछे गए प्रश्न

शादी के लिए लोग अधिक कर्ज लेने के लिए क्यों तैयार हैं?
इस सर्वे में दिखा कि अधिकांश लोगों को शादी के लिए लोन लेने में कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि वे इसे जिंदगी में एक बार होने वाला खर्च मानते हैं।
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