ईरान में फंसे छात्रों से टूटा संपर्क, परिवारों की बढ़ी चिंता

Mar 01, 2026 06:02 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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रातों की नींद गायब, भारत लौटने वाले छात्रों की उड़ानें भी रद्द, तेहरान और शिराज में धमाकों व सायरन की आवाज से दहशत में छात्र

ईरान में फंसे छात्रों से टूटा संपर्क, परिवारों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। ईरान में हालात बिगड़ने के बीच वहां पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के परिवार गहरी चिंता में हैं। श्रीनगर निवासी फरहान की आंखें भर आती हैं। वे बताते हैं कि दो दिन पहले तेहरान में पढ़ रहे भाई अफनान से बात हुई थी, उसके बाद से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। इंटरनेट बंद है और कोई खबर नहीं मिल रही। उनकी बहन कुर्शिया भी शिराज में फंसी हैं। सुबह बात हुई थी, लेकिन पीछे से रोने की आवाजें आ रही थीं। इसके बाद उनका फोन भी नहीं लग रहा। फरहान बताते हैं कि मां-बाप रातभर सो नहीं पा रहे।

हर पल यही डर है कि बच्चे किस हाल में होंगे। परिवार बार-बार अफनान के बारे में पूछ रहा है, लेकिन उनके मेरे पास कोई जवाब नहीं। कश्मीर की अफरोजा की चिंता भी कम नहीं। उनकी बेटी अराक में एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा है। शनिवार को उसकी परीक्षा थी। अफरोजा बताती हैं कि फोन पर बेटी बेहद घबराई हुई थी, फिर भी कह रही थी कि डरिए मत, हम सुरक्षित हैं। परिवारों की मांग है कि केंद्र सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर ईरान में फंसे छात्रों को सुरक्षित भारत लाए। उनका कहना है कि अनिश्चितता और संचार ठप होने से हालात और भयावह लग रहे हैं। आसमान में धुएं के गुब्बार ईरान पर हालिया हमलों के बाद वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों का अपने परिवारों से संपर्क टूटने लगा है। हालात को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है और दिन-रात दहशत में गुजर रहे हैं। शाबिर ने बताया कि उनका बेटा शिराज में पढ़ाई कर रहा है। सुबह बात हुई थी। अब उसका फोन बंद आ रहा है। बेटे ने बताया था कि आसमान में बड़े-बड़े धुएं के गुब्बार उठते दिख रहे हैं और हालात बेहद खराब हैं। ईरान में फंसे 1100 भारतीय छात्र जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया कि करीब 1100 भारतीय छात्र ईरान में फंसे हैं। संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि हवाई सेवाएं बाधित हैं और सुरक्षा खतरा बढ़ गया है। संघ ने यह भी बताया कि 23 फरवरी को जारी एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की गई थी। हालांकि, इस समय सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। साथ ही, 5 मार्च 2026 को ईरान के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय की देखरेख में होने वाली राष्ट्रीय परीक्षाएं उलूमपाया और प्री-इंटर्नशिप निर्धारित हैं, जिसके चलते कई छात्र वापस नहीं लौट पाए हैं। सुरक्षा को लेकर परिवार परेशान श्रीनगर निवासी अल्ताफ खान ने बताया कि उनकी बहन और भाई तेहरान में प्रथम वर्ष के छात्र हैं। शनिवार सुबह उनसे बात हुई थी। दोनों काफी डरे हुए थे। जिस इलाके में वे रह रहे हैं, वहां लगातार धमाकों की आवाजें आ रहीं थीं। खान ने कहा कि धमाके इतने तेज थे कि फोन कॉल पर भी साफ सुनाई दे रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी बहन का भारत लौटने का टिकट सोमवार का था, लेकिन मौजूदा हालात में वह रद्द हो गया। अब उनकी सुरक्षा को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। अभिभावकों का कहना है कि अभी तक बच्चों ने खाने-पीने की किसी दिक्कत की जानकारी नहीं दी है, लेकिन अगर हालात ऐसे ही बिगड़ते रहे तो राशन और जरूरी सामान की समस्या खड़ी हो सकती है। छात्र बोले मैं तेहरान में पढ़ाई कर रही हूं। यहां हालात बेहद खराब हैं और स्थिति लगातार बिगड़ रही है। हमें समझ नहीं आ रहा आगे क्या होगा। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील है कि हमें सुरक्षित वापस लाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। - फरजाना, छात्रा सभी छात्रों में भारी घबराहट है। हम जल्द से जल्द देश छोड़ना चाहते हैं, लेकिन हवाई सेवाएं बंद होने से फंसे हुए हैं। हालात अनिश्चित हैं। सरकार से अनुरोध है कि हमारी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था शीघ्र कराई जाए। - मुकसान हुसैन, छात्र

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