कोरोना के बाद शेयर बाजार का सबसे खराब प्रदर्शन
शोल्डर -- कच्चे तेल में उछाल से सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट, 10 लाख

नई दिल्ली, एजेंसी। घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को चालू वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी सत्र में तेज गिरावट आई और सेंसेक्स 1,636 अंक लुढ़क गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 488 अंक के नुकसान में रहा। पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी रहने और कच्चे तेल के दाम में तेजी से बाजार में भारी बिकवाली हुई। निवेशकों की संपत्ति में करीब 9.71 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है। इसी के साथ मार्च 2020 के बाद शेयर बाजार का यह सबसे खराब प्रदर्शन है। पश्चिम एशिया में युद्ध तेज होने की आशंका से निवेशक जोखिम लेने से बचते दिख रहे हैं। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली ने भी बाजार में घबराहट का माहौल बना रखा है।
इससे पूरे बाजार में बिकवाली का माहौल रहा और हर सेक्टर में बिकवाली नजर आई। इसके चलते बाजार में शुक्रवार के बाद लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और सेंसेक्स 1,635.67 अंक यानी 2.22 प्रतिशत टूटकर 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से 3,563 नुकसान में, जबकि 876 लाभ में रहे। सेंसेक्स 25 महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर आ चुका है। वहीं. पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 488.20 अंक यानी 2.14 प्रतिशत टूटकर 22,331.40 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी 22,400 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है।एक साल में कितना नुकसानवित्त वर्ष 2025-26 में बीएसई सेंसेक्स 5,467.37 अंक यानी सात प्रतिशत लुढ़का है, जबकि निफ्टी 1,187.95 अंक यानी पांच प्रतिशत नीचे आया है। बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 3.13 प्रतिशत टूटा जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 2.14 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, पिछले दो कारोबारी सत्रों में बीएसई सेंसेक्स 3,325.9 अंक टूटा है जबकि निफ्टी में 975.05 अंक की गिरावट रही।कोरोना के बाद खराब प्रदर्शनमार्च महीने में अब तक सेंसेक्स और निफ्टी करीब 10.5% तक गिर चुके चुके हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की ओर से रिकॉर्ड 12.3 अरब डॉलर की बिकवाली के कारण बाजार का माहौल कमजोर हुआ। इसके साथ ही अब यह मार्च 2020 में कोविड-19 के कारण आई गिरावट के बाद दूसरा सबसे खराब महीना साबित हुआ है।एक महीने में 51 लाख करोड़ डूबेईरान युद्ध और वैश्विक तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है, जिससे एक महीने में ₹51 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। बीएससई का कुल बाजार पूंजीकरण 27 फरवरी को जहां ₹4,63,50,671 करोड़ था, वह 30 मार्च तक गिरकर ₹4,11,88,938 करोड़ रह गया। यानी करीब ₹51,61,733 करोड़ का नुकसान हुआ।30 दिन में कितना नुकसानसूचकांक में गिरावटसेंसेक्स 10.20 फीसदीनिफ्टी 10.14 फीसदीबैंक निफ्टी 15.95 फीसदीइन क्षेत्रों में बड़ी गिरावटरियल्टी 15.41 फीसदीऑटो 13.49 फीसदीतेल-गैस 11.76 फीसदीपीएसयू 11.23 फीसदीधातु 9.05 फीसदी
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