
रुपया कर सकता है मजबूत वापसी: एसबीआई
अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के कारण भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। भारतीय स्टेट बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपया 5.7 प्रतिशत गिरा है। हालांकि, व्यापार समझौते की उम्मीद से रुपये में मजबूती आ सकती है। पिछले वर्षों में निवेश प्रवाह में कमी आई है।
नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका के भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क के कारण मुख्य रूप से कमजोर हो रहा भारतीय रुपया, अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मजबूत वापसी कर सकता है। भारतीय स्टेट बैंक के आर्थिक शोध विभाग की एक रिपोर्ट में बुधवार को यह कहा गया कि अमेरिका ने दो अप्रैल, 2025 से सभी अर्थव्यवस्थाओं पर बड़े पैमाने पर शुल्क बढ़ोतरी की घोषणा की। तब से भारतीय रुपया, डॉलर के मुकाबले 5.7 प्रतिशत कमजोर हुआ है। यह प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है। हालांकि अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर उम्मीद बनने के कारण बीच-बीच में मजबूती के दौर भी आए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हालांकि भारतीय रुपया बाकियों के मुकाबले सबसे ज्यादा कमजोर हुआ है, लेकिन यह सबसे ज्यादा अस्थिर नहीं है। यह स्पष्ट रूप से बताता है कि भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत शुल्क रुपये की विनिमय दर में मौजूदा गिरावट पीछे प्रमुख कारणों में से एक है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के साथ निवेशकों का बड़ा पूंजी प्रवाह अब बीते दिनों की बात है। पिछले रुझान बताते हैं कि वर्ष 2007 से वर्ष 2014 के दौरान, शुद्ध पोर्टफोलियो प्रवाह औसतन 162.8 अरब डॉलर था, जबकि वर्ष 2015 से वर्ष 2025 (अब तक) से, पोर्टफोलियो प्रवाह 87.7 अरब डॉलर यानी बहुत कम रहा है।

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