भारतीय पोत 'देश गरिमा' ने होर्मुज को सुरक्षित पार किया
भारत के ध्वज वाले तेल टैंकर 'देश गरिमा' ने शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार किया। यह घटना तब हुई जब अन्य दो भारतीय टैंकरों को गोलीबारी के कारण वापस लौटना पड़ा। 'देश गरिमा' 18 अप्रैल को जलमार्ग पार कर गया और 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत के ध्वज वाले एक तेल टैंकर 'देश गरिमा' ने होर्मुज जलडमरूमध्य को शनिवार को सुरक्षित पार कर लिया।भारतीय टैंकर ने इस तनावग्रस्त जलमार्ग को ऐसे समय पार किया है, जब दो अन्य भारतीय तेल टैंकरों को गोलीबारी के बाद वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। इसके बाद भारत ने वाणिज्यिक पोतों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता को ईरान के साथ साझा किया था। पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर सरकार द्वारा दी गई अपडेट जानकारी के मुताबिक कच्चे तेल से भरा टैंकर देश गरिमा 18 अप्रैल को रणनीतिक जलमार्ग को पार कर गया और 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
इस पर 31 भारतीय नाविक सवार थे। इससे पहले तेल टैंकर 'समनार हेराड' और बल्क कैरियर 'जग अर्नव' ने पिछले 24 घंटों में जलडमरूमध्य से गुजरते समय गोलीबारी की सूचना दी और फारस की खाड़ी में वापस लौट आए। हालांकि, इस गोलीबारी की घटना में चालक दल के किसी सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है। समुद्री जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाले पोर्टल 'मरीनट्रैफिक' के मुताबिक तेल टैंकर 'देश वैभव' और 'देश विभोर' ने भी इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के पास अपना मार्ग बदल लिया, जिससे फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले पोतों की संख्या 14 हो गई है। बता दें कि सार्वजनिक उपक्रम एससीआई के पास देश वैभव और देश विभोर का स्वामित्व है, जबकि सनमार हेराल्ड का संचालन सनमार शिपिंग और जग अर्नव का संचालन ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग कंपनी द्वारा किया जाता है।
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