डॉक्टर के पर्चे पर ही मिलेगी ‘प्रेगाबालिन’ दवा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 'प्रेगाबालिन' को अनुसूची एच1 में शामिल किया है। यह दवा केवल डॉक्टर के पर्चे पर उपलब्ध होगी। मंत्रालय ने युवाओं में इसके दुरुपयोग की बढ़ती घटनाओं और अवैध बिक्री के मद्देनजर यह कदम उठाया है। खुदरा विक्रेताओं को बिक्री का विवरण दर्ज करने के लिए अलग रजिस्टर रखना होगा।

नई दिल्ली, एजेंसी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अत्यधिक दर्द और तंत्रिका संबंधी कुछ समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा ‘प्रेगाबालिन’ के दुरुपयोग की खबरों के बीच इसे कड़ी निगरानी वाली अनुसूची एच1 श्रेणी में शामिल किया है। अब यह दवा डॉक्टर द्वारा जारी वैध पर्चे के आधार पर ही बेची जा सकेगी। मंत्रालय ने 20 मई को एक राजपत्र अधिसूचना के जरिये प्रेगाबालिन को औषधि नियम, 1945 की अनुसूची एच1 में शामिल किया। मंत्रालय ने कहा कि कुछ राज्यों से युवाओं द्वारा प्रेगाबालिन के दुरुपयोग संबंधी खबरें मिलने के मद्देनजर यह फैसला किया गया। इस दवा का कथित तौर पर इसके मादक और मानसिक रूप से अलगाव का अहसास कराने वाले प्रभावों के कारण दुरुपयोग किया जाता रहा है।
मंत्रालय ने देश के कुछ हिस्सों में प्रेगाबालिन के अवैध भंडार और बिक्री का पता चलने का भी हवाला दिया।मंत्रालय के बयान में कहा गया कि खुदरा विक्रेताओं को अब पर्चों और बिक्री का विवरण दर्ज करने के लिए अलग रजिस्टर रखना होगा, जबकि निर्माताओं को उत्पाद की पैकेजिंग पर निर्धारित ‘अनुसूची एच1 दवा चेतावनी’ लेबल प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा। मंत्रालय ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने और अनुपालन नहीं करने पर संबंधित नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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