
सरकार ने 82 ठेकेदारों पर 300 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया
-11 सरकारी कर्मियों को नौकरी से बर्खास्त किया, - निजी कंपनी के 18
नई दिल्ली, अरविंद सिंह। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के खराब प्रदर्शन पर कड़ा रुख अपनाते हुए 82 ठेकेदारों-पेशवरों पर 302 करोड़ का आर्थिक जुर्माना लगाया है। इसके अलावा 50 कंपनियों पर एक से तीन साल का प्रतिबंध लगाकर टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने से रोक दिया गया। निजी कंपनियों के 18 शीर्ष अधिकारियों को काम से हटा गया, जबकि 11 सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। रिराइट करें सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने गत दिवस के सवाल के जवाब में संसद में उपरोक्त जानकारी दी है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काम में घटिया गुणवत्ता, लापरवाही और खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों-निर्माण कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की है।

यह सभी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित हैं। उन्होंने बताया कि 55 ठेकेदार-कंपनियों पर कुल 298 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसमें 22 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया। उन्होंने बताया कि खराब प्रदर्शन के लिए 27 कंसल्टेंट पर चार करोड़ रुपये का आर्थिक दंड सहित 28 फर्मो को प्रतिबंध लगाया गया। इन फर्मा में शीर्ष स्तर पर कार्यरत 18 अधिकारियों को साइट से हटा दिया गया। इसके अलावा सड़क परिवहन मंत्रालय के विभिन्न पीएसयू के 11 सरकारी नौकरों को सेवा से हटा दिया गया है। अटकी हुई परियोजनाओं की संख्या में आई कमी सरकार की सख्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप तीन साल से अधिक समय से अटकी हुई परियोजनाओं की संख्या में कमी आई है। एक अप्रैल को लेट परियोजनाओं की संख्या 152 थी, जो 30 नवंबर, 2025 तक घटकर 85 रह गई है। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। फील्ड अधिकारी, इंजीनियर और ठेकेदार साइट से ही दैनिक-मासिक दोषों की डिजिटल रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही जनता की शिकायतों के लिए पब्लिक शिकायत पोर्टल है।

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