
एआई से सुरक्षा चुनौती पहले ही भांप लेगी पुलिस
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे अपने पुलिस बलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कार्य बल गठित करें। सरकार का लक्ष्य 70 प्रतिशत पुलिस कर्मियों को एआई में प्रशिक्षित करना है। नैटग्रिड के साथ एकीकरण से डेटा-आधारित न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रस्तावित है।
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। प्रौद्योगिकी आधारित कानून प्रवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने पुलिस बलों के भीतर समर्पित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कार्य बल (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स) गठित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने कम से कम 70 प्रतिशत पुलिस कर्मियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोगों में प्रशिक्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। उच्च स्तरीय बैठकों में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि पुलिस व्यवस्था में एआई का एकीकरण अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि आधुनिक कानून प्रवर्तन की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। गृह मंत्रालय (एमएचए) खुफिया जानकारी संग्रह, वास्तविक समय में खतरों की पहचान और अपराध पैटर्न व उभरते सुरक्षा जोखिमों के त्वरित विश्लेषण के लिए एआई के उपयोग का एक व्यापक ढांचा विकसित करेगा।
इस पहल के तहत स्वचालित टैगिंग सिस्टम और बहु-स्रोत डाटा संकलन की व्यवस्था भी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया से भारतीय पुलिस व्यवस्था में तेजी से डाटा-आधारित बदलाव संभव हो सकेगा। नैटग्रिड एआई से जुड़ेगा योजना का मुख्य उद्देश्य डाटा-आधारित न्याय व्यवस्था और बेहतर आंतरिक सुरक्षा परिणाम सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नैटग्रिड) को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करना है। नैटग्रिड, जो कई एजेंसियों से डेटा एकत्र करता है, एआई आधारित विश्लेषण के साथ और अधिक प्रभावी हो सकेगा। 16 से 20 फरवरी 2026 को प्रस्तावित एआई इम्पैक्ट समिट में भी इस तरह का ब्लूप्रिंट सामने आ सकता है। इस समिट में विशेष सत्र आयोजित होंगे, जहां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों के प्रतिनिधि वैश्विक एआई विशेषज्ञों के साथ संवाद करेंगे और पुलिसिंग की चुनौतियों के लिए प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों पर चर्चा करेंगे। केंद्र ने राज्यों को निर्देश दिए केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए कि वह यह सुनिश्चित करें कि उनके कम से कम 70 प्रतिशत पुलिसकर्मी एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध एआई पर आधारित पाठ्यक्रम पूरे करें। यह भारतीय कानून प्रवर्तन प्रणाली की अब तक की सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण पहलों में से एक मानी जा रही है। प्रत्येक राज्य में गठित समर्पित एआई टास्क फोर्स क्षमता निर्माण और विभिन्न पुलिस कार्यों में एआई प्रणालियों के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाएगी।

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