शांति स्थापना में रचनात्मकता और समावेशिता अहम : मेजर स्वाति
नई दिल्ली में, भारतीय सेना की अधिकारी मेजर स्वाति शांतकुमार को दक्षिण सूडान में लैंगिक हिंसा से निपटने के लिए यूएन द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने 18 महीनों तक महिला सैन्य सहभागिता दल का नेतृत्व किया और शांति स्थापना के लिए रचनात्मकता और समावेशिता की आवश्यकता पर जोर दिया।

नई दिल्ली, एजेंसी। संयुक्त राष्ट्र द्वारा सम्मानित भारतीय सेना की अधिकारी मेजर स्वाति शांतकुमार ने कहा कि शांति स्थापना कोई एक बार किया जाने वाला या नियमित कार्य नहीं है, बल्कि वास्तविक बदलाव लाने के लिए इसमें रचनात्मकता और समावेशिता की आवश्यकता होती है। मेजर स्वाति को दक्षिण सूडान के मलाकाल में लैंगिक हिंसा से निपटने के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने ‘यूनाइटेड नेशन मिशन इन साउथ सूडान’ के तहत मलाकाल में 18 महीनों तक एक महिला सैन्य सहभागिता दल का नेतृत्व किया था। मेजर स्वाति ने संघर्षग्रस्त दक्षिण सूडान में शांति स्थापना अभियान में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे समान भागीदार, स्थायी शांति पहल के तहत उनकी टीम के काम ने विश्वास कायम करने, सुरक्षित स्थान बनाने और स्थानीय महिलाओं द्वारा सामना किए जाने वाले गंभीर मुद्दों को हल करने में मदद की।
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