सेना ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए 30 लो लेवल राडार खरीदेगी
भारतीय सेना अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए 30 निचले स्तर के राडार खरीदने जा रही है। यह राडार 30-40 मीटर की ऊंचाई पर उड़ने वाले ऑब्जेक्ट, खासकर ड्रोन, को पहचानने में सक्षम हैं। इस परियोजना की कुल लागत 725 करोड़ रुपये है और इसे फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सेना अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए नए राडारों की खरीद कर रही है। शुक्रवार को सेना ने 30 निचले स्तर (लो लेवल) राडारों की खरीद के लिए खरीद के प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। लो लेवल राडार ऐसे होते हैं जो 30-40 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे ऑब्जेक्ट को भी देख सकते हैं। मुख्यत ड्रोन के बढ़ते खतरे और उससे निपटने के लिए इन राडारों की खरीद की जा रही है। सेना के सूत्रों ने कहा, अभी कंपनियों से इन राडारों की खरीद के लिए प्रारंभिक प्रस्ताव मांगे गए हैं। करीब 725 करोड़ रुपये की लागत से कुल 30 राडार खरीदे जाने हैं।
राडार निर्माता कंपनियों से यह खरीद फास्ट्र ट्रैक प्रक्रिया के जरिये की जाएगी। बता दें कि सीमावर्ती क्षेत्र में एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए भारत मिशन सुदर्शन चक्र पर कार्य कर रहा है। इसमें लंबी दूर तक निगरानी करने वाले राडारों के साथ-साथ कम ऊंचाई पर ड्रोन जैसे ऑब्जेक्ट को डिटेक्ट करने वाले लो लेवल राडारों की भी खरीद की जा रही है। सेना पहले से मौजूद कुछ लो लेवल राडारों का भी उपयोग ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए कर रहे हैं। हालांकि अभी सेना के पास लो लेवल राडार सीमित संख्या में हैं। इसलिए 30 और राडार खरीदने का फैसला किया गया है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



