मिग-29के लड़ाकू विमान का पहला स्वदेशी ओवरहॉल पूरा
भारतीय वायुसेना ने आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए नौसेना के मिग-29के लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट का पहला स्वदेशी ओवरहॉल पूरा किया है। पहले ये सीटें मरम्मत के लिए रूस भेजी जाती थीं। नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में इस तकनीक को विकसित किया गया और सीट को वायुसेना को सौंपा गया।

नासिक, एजेंसी। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए भारतीय वायुसेना ने नौसेना के मिग-29के लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट पहला स्वदेशी ओवरहॉल (पूर्ण मरम्मत) पूरा कर लिया है। इससे पहले मरम्मत और रखरखाव के लिए सीटों को रूस भेजना पड़ता था। रक्षा मंत्रालय की ओर से बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी गई। बताया गया कि वायुसेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो में विमान की सीट की पूरी मरम्मत की गई। बताया कि डिपो में मिग-29 और सुखोई-30 एमकेआई विमानों की मरम्मत की जाती है। सुखोई विमानों की इजेक्शन सीटों की ओवरहॉलिंग के अनुभव का लाभ उठाते हुए डिपो ने मिग-29के की इजेक्शन सीट के लिए भी तकनीक विकसित की।
विमान की उड़ान योग्यता प्रमाणित करने वाली एजेंसी आरसीएमए ने इस तकनीक को मंजूरी दी, जिसके बाद पहली बार नौसेना के विमान की सीट की मरम्मत की गई। बताया कि ओवरहॉल की गई सीट बुधवार को एयर मार्शल यल्ला उमेश और वाइस एडमिरल राहुल विलास गोखले की उपस्थिति में नौसेना को सौंपी गई।
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