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21 जनवरी, 2021|8:31|IST

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अगले दशक में शीर्ष तीन महाशक्तियों में शामिल होगा भारत

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- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने वेबसाइट पर एसटीआईपी का मसौदा उपलब्ध कराया

- न्यूनतम बजट आवंटन के साथ एसटीआई इकाई स्थापित करेंगे

नई दिल्ली। एजेंसी

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए कोष बढ़ाने पर जोर देने के साथ अकादमिक और पेशेवर संगठनों में लैंगिक एवं सामाजिक ऑडिट जैसे कुछ बड़े कदम विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (एसटीआईपी) के मसौदे में शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य भारत को आगामी दशक में विज्ञान के क्षेत्र में शीर्ष तीन महाशक्तियों में शामिल करना है।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने अपनी वेबसाइट पर एसटीआईपी का मसौदा उपलब्ध कराया है। विभाग ने लोगों से सुझाव एवं जानकारियां मांगी है और टिप्पणी करने को भी कहा है, ताकि 25 जनवरी तक इसमें आवश्यकता के अनुसार बदलाव किया जा सके।

इस कदम का उद्देश्य, पूर्णकालीन (एफटीई) शोधार्थियों की संख्या, अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) पर सकल घरेलू व्यय तथा इस व्यय में निजी क्षेत्र का योगदान प्रत्येक पांच साल में दोगुना करना; आगामी दशक में सर्वोच्च वैश्विक मान्यता हासिल करने की आकांक्षा के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) में व्यक्तिगत एवं संस्थागत उत्कृष्टता तैयार करना है।

एसटीआई वातावरण के वित्तीय दायरे का विस्तार करने के लक्ष्य के साथ केंद्र के प्रत्येक मंत्रालय, राज्य के प्रत्येक विभाग और स्थानीय सरकारें, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां तथा स्टार्ट-अप एसटीआई गतिविधियों के लिए न्यूनतम बजट आवंटन के साथ एसटीआई इकाई स्थापित करेंगे।

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  • Web Title:India will join the top three superpowers in the next decade