भारत-अमेरिका व्यापार समझौता::अमेरिका को 44 अरब डॉलर के निर्यात पर अब शून्य टैरिफ: पीयूष गोयल

Feb 07, 2026 08:54 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका को भारतीय निर्यात पर शून्य जवाबी शुल्क लगेगा, जिससे भारतीय उत्पादों की कीमतें कम होंगी। समझौते के तहत स्मार्टफोन पर भी कोई शुल्क नहीं होगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़ेगा। गोयल ने इसे भारत के लिए एक बड़ी जीत बताया और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने का आश्वासन दिया।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता::अमेरिका को 44 अरब डॉलर के निर्यात पर अब शून्य टैरिफ: पीयूष गोयल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री गोयल ने व्यापार समझौते पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जानकारी नई दिल्ली, एजेंसी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत अमेरिका को होने वाले लगभग 44 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात पर शून्य जवाबी शुल्क लगेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने कहा, लगभग 30 अरब डॉलर मूल्य की भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत शुल्क लगता रहेगा (जिसमें श्रम-प्रधान क्षेत्रों की वस्तुएं शामिल हैं), वहीं 12 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं (इस्पात, तांबा और कुछ वाहन घटक सहित) के शुल्क में कोई बदलाव नहीं होगा। इस्पात, एल्युमीनियम, तांबा और वाहन घटक पर ये शुल्क सभी देशों पर समान रूप से लागू होते हैं।

इन उत्पादों पर अमेरिका में 50 प्रतिशत शुल्क लगता है। उन्होंने कहा कि जिस अंतरिम समझौते को अंतिम रूप दिया गया है, उसे जल्द ही हमारे संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की पहली किस्त में बदल दिया जाएगा। संतुलित समझौता पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देश बहुत ही निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित समझौते पर पहुंचे हैं। कार्यकारी आदेश के जरिये अमेरिका द्वारा 25 प्रतिशत जवाबी शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा। यह आदेश जल्द ही आ सकता है। गोयल ने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में भारतीय निर्यात के लिए व्यापक संभावनाएं खुलेंगी। इससे किसानों और मछुआरों को अमेरिकी बाजार में अपनी उपज की बेहतर कीमत पाने में मदद मिलेगी और भविष्य में कपड़ा और परिधान, रत्न और आभूषण, मशीनरी के पुर्जे, खिलौने, चमड़ा और जूते-चप्पल, घरेलू सजावट, स्मार्टफोन और कृषि के कई क्षेत्रों में भारी वृद्धि होगी। इन उत्पादों पर कोई शुल्क रियायत नहीं कृषि उत्पाद, मांस, पोल्ट्री, सभी डेयरी उत्पाद, जीएम खाद्य उत्पाद, सोया मील, मक्का, अनाज, मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, चौलाई, फल जैसे केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी और खट्टे फल शामिल हैं। अन्य उत्पादों में हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, कुछ पशु आहार, मूंगफली, शहद, माल्ट और इसके अर्क, गैर-अल्कोहल पेय, आटा, स्टार्च, आवश्यक तेल, ईंधन के लिए एथनॉल और तंबाकू शामिल हैं। आईसीटी व्यापार उपायों का उद्देश्य भारत के हितों की रक्षा करना पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) उत्पादों को लेकर भारत का रुख उन देशों से सुरक्षा करना है जो गलत तरीके से व्यापार करते हैं। मंत्री ने कहा कि भारत का उद्देश्य उन देशों से अपने हितों को बचाना है जो 'प्रिडेटरी प्राइसिंग' करते हैं। यानी वे देश जो जानबूझकर भारतीय निर्माण लागत से भी कम और अतार्किक कीमतों पर सामान की आपूर्ति करते हैं ताकि भारतीय उद्योगों को नुकसान पहुंचाया जा सके। स्मार्टफोन पर टैरिफ शून्य एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नए समझौते के तहत भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले स्मार्टफोन पर 'शून्य कर लगेगी, जिससे भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात काफी बढ़ेगा। गोयल ने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे को पूरा करती हैं। अमेरिका में लेबर की लागत भारत से 50 गुना ज्यादा है और वहां की प्रति व्यक्ति आय करीब 90,000डॉलर है, जबकि भारत की 3,000 डॉलर है। इसलिए हमारे बीच कोई सीधा मुकाबला नहीं है, बल्कि हम एक-दूसरे की जरूरतों को पूरा करते हैं। गोयल ने कहा कि भारत के लिए यह एक बड़ी जीत है कि अमेरिका एनवीडिया चिप्स, एआई उपकरण और डाटा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण आईसीटी उत्पाद भारत को उपलब्ध कराने पर सहमत हो गया है। ये उत्पाद भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आईटी कंपनियों को आधुनिक बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं। गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत अब एक मजबूत देश है और अमेरिका के साथ बराबरी के स्तर पर बातचीत करेगा। दोनों देश मिलकर अपने संबंधों को मजबूत करेंगे ताकि इसका लाभ दोनों देशों को मिल सके।

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