धारा 301 की जांच के बाद ही करार को अंतिम रूप
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अमेरिका की धारा 301 के तहत जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। अमेरिका अगर भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाना चाहता है, तो उसे जांच प्रक्रिया को पूरा करना होगा। यह प्रक्रिया 24 जुलाई तक पूरी होनी जरूरी है।

नई दिल्ली, एजेंसी। अमेरिका की तरफ से धारा 301 के तहत जांच पूरी होने के बाद ही भारत और अमेरिका के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। एक सरकारी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यदि अमेरिका, भारत पर कोई अतिरिक्त शुल्क लगाना चाहता है, तो उसे इसके लिए धारा 301 के तहत शुरू जांच की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया का 24 जुलाई तक पूरा होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उसके बाद अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 प्रतिशत का अस्थायी अतिरिक्त शुल्क समाप्त हो जाएगा और केवल 'सर्वाधिक तरजीही देश' (एमएफएन) शुल्क ही लागू रहेंगे।
अमेरिका का अतिरिक्त शुल्क
अधिकारी ने कहा, 'ऐसे में अगर अमेरिका हमसे कोई अतिरिक्त शुल्क वसूलना चाहता है, तो उसे पहले धारा 301 के तहत जांच प्रक्रिया पूरी करनी होगी।'
यूएसटीआर की एकतरफा जांच
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने मार्च में भारत सहित कई देशों के खिलाफ धारा 301 के तहत एकतरफा जांच दो मामलों में शुरू की थीं। ये जांच वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में कथित बंधुआ मजदूरी और 'अत्यधिक उत्पादन क्षमता' से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित हैं।
भारत की शुल्क मांग
यूएसटीआर ने दो जून को भारत समेत 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था। यह शुल्क बंधुआ मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने में विफल रहने के आरोप में लगाने की बात कही गई। हालांकि, 'अत्यधिक उत्पादन क्षमता' से जुड़ी दूसरी जांच की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। इस बीच, भारत अपने प्रतिस्पर्धी देशों जैसे आसियान समूह, श्रीलंका और बांग्लादेश की तुलना में कम शुल्क लगाने की मांग कर रहा है।
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