
भारत-यूएई रणनीतिक रक्षा भागीदारी बढ़ाने पर सहमत
भारत और यूएई ने रक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पीएम मोदी और यूएई राष्ट्रपति नाहयान के बीच हुई बैठक में 12 समझौतों पर सहमति बनी, जिसमें रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा और व्यापार के क्षेत्र में सहयोग शामिल है। यह यात्रा दोनों देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करेगी।
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) रक्षा संबंधों को रणनीतिक भागीदारी के रूप में आगे बढाने पर सहमत हुए हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत यात्रा पर आए यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान के बीच हुई बैठक में रक्षा रणनीतिक भागीदारी के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हुए। यूएई के राष्ट्रपति सोमवार को एक दिन की यात्रा पर भारत पहुंचे और करीब साढ़े तीन घंटे भारत में रहे। यह बहुत कम अवधि की यात्रा रही लेकिन उनके साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल था जिसमें करीब रक्षा समेत एक विभागों के मंत्री और महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री उन्हें लेने हवाई अड्डे पहुंचे और उन्हें अपने साथ आवास पर लेकर आए। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दौरा पूरा होने के बाद बताया कि यात्रा बेहद महत्वपूर्ण रही। कुल 12 समझौतों पर हस्ताक्षर हुआ। इसमें रणनीतिक रक्षा भागीदारी का फ्रेमवर्क तैयार करने के अलावा अंतरिक्ष, ऊर्जा, नागरिक परमाणु क्षेत्र, व्यापार एवं निवेश आदि क्षेत्रों को लेकर समझौते किए गए हैं। मिसरी ने बताया दोनों नेताओं के बीच गाजा शांति समझौते, ईरान और यमन के हालतों एवं अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बतौर राष्ट्रपति नाहयान की ये तीसरी भारत यात्रा थी। यूएई में लॉन्च पैड तैयार करेगा भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में हुए समझौते के तहत भारत यूएई में लांच पैड और अन्य बुनियादी ढांचा खड़ा करने में मदद करेगा। भारतीय संस्था इन-स्पेस और यूएई स्पेस एजेंसी के बीच एक समझौता हुआ जिसका मकसद स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल करना है। पहल के तहत दोनों देश मिलकर नए लॉन्च कॉम्प्लेक्स, सैटेलाइट बनाने की फैक्ट्रियां, संयुक्त अंतरिक्ष मिशन और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करेंगे। भारत को एलएनजी देगा यूएई विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि यूएई के साथ सालाना पांच 5 लाख मीट्रिक टन एलएनजी की आपूर्ति को लेकर समझौता हुआ है। इसी के साथ यूएई भारत को एलएनजी का दूसरा बड़ा निर्यातक हो जाएगा। यूएई गुजरात के धोलेरा में बन रहे 'स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन' के विकास में भागीदार बनेगा। समझौते के बाद धोलेरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पायलट ट्रेनिंग स्कूल, विमानों की मरम्मत के लिए एमआरओ सेंटर, नया बंदरगाह ग्रीनफील्डपोर्ट और स्मार्ट टाउनशिप जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रेलवे कनेक्टिविटी और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। आधुनिक न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी पर विचार दोनों देशों ने एडवांस्ड न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में साझेदारी पर विचार करने का फैसला किया है। इसमें बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर का डेवलपमेंट और डिप्लॉयमेंट, साथ ही एडवांस्ड रिएक्टर सिस्टम, न्यूक्लियर पावर प्लांट ऑपरेशन, मेंटेनेंस और न्यूक्लियर सेफ्टी में सहयोग शामिल है। एआई को भी प्राथमिकता वाला क्षेत्र बताया गया। यूएई की पार्टनरशिप से भारत में एक सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर स्थापित करने पर सहयोग करने का फैसला किया गया। यूएई भारत में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश पर भी विचार करेगा। द्विपक्षीय व्यापर बढाने पर चर्चा प्रधानमंत्री मोदी और यूएई के राष्टपति ने द्विपक्षीय व्यापर बढाने के उपायों पर भी चर्चा की। यूएई के साथ 2022 से भारत का व्यापार समझौता है तथा मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच 100 अरब डालर सालाना का कारोबार है जिसे 2032 तक 200 अरब डॉलर किया जाएगा। यह भी तय किया गया कि एमएसएमई उद्योगों के निर्यात को पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और यूरेशियाई क्षेत्रों में आसान बनाया जाएगा। छोटा दौरा कई मायनों में अहम शेख मोहम्मद नाहयान का कुछ घंटों का ये दौरा दोनों देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों के लिए अहम माना जा रहा। दौरा ऐसे समय में हो रहा जब वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। एक तरफ वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की चीन और रूस के साथ तनातनी है, तो वहीं ईरान में हालात बेहद खराब चल रहे हैं। इसके अलावा यूएई और सऊदी अरब के बीच भी तनाव है। दुनिया की नजर इस दौरे पर है। कोट... मैं अपने भाई के स्वागत के लिए खुद एयरपोर्ट पहुंचा। यूएई के राष्ट्रपति का भारत दौरा दोनों देशों के बीच की दोस्ती को नया आयाम देने का माध्यम बनेगा। नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को तोहफे में दिया झूला प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति और उनके परिवार को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पारंपरिक उपहार भेंट किए। प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को गुजरात की पारंपरिक शाही नक्काशीदार लकड़ी की झूला भेंट किया। झूला बारीक फूलों और पारंपरिक डिजाइनों से हाथ से तराशा गया है और गुजरात के कई परिवारों के घरों का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। गुजराती संस्कृति में झूला आपसी संवाद, पारिवारिक एकता और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव का प्रतीक है। यह उपहार यूएई द्वारा 2026 को ‘ईयर ऑफ फैमिली’ घोषित किए जाने के संदर्भ में भी विशेष महत्व रखता है। इसके अलावा कश्मीरी पश्मीना शॉल एक सुसज्जित चांदी के डिब्बे में भेंट किया। महिला नेता शेखा फातिमा को शॉल प्रधानमंत्री ने यूएई की प्रतिष्ठित महिला नेता शेखा फातिमा बिंत मुबारक अल केतबी को चांदी के डिब्बे में पश्मीना शॉल भेंट की। इसके साथ ही कश्मीरी केसर भी चांदी के सुसज्जित बॉक्स में भेंट किया। कश्मीर घाटी में उगाया जाने वाला यह केसर अपने गहरे लाल रंग और खुशबू के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

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